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क्षेत्रीय
11-Jun-2026

मां की बीमारी बनी साजिश का हथियार भाई ने हड़पी करोड़ों की जमीन बारिश में बहे वनविभाग के भ्रष्टाचार के डेम की होगी जांच डीएफओ ने गठित की कमेटी एथेनॉल प्लांट तक पहुंची चावल घोटाले की जांच दस्तावेज डीवीआर जब्त जिले के बिरसा क्षेत्र में पारिवारिक संपत्ति विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। बिरसा निवासी मोहम्मद ओबेश सौदागर ने अपने बड़े भाई मोहम्मद अबरार उर्फ टीपू समेत छह लोगों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर धोखाधड़ी और साजिश का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार उनके पिता स्वर्गीय मोहम्मद साबीर सौदागर ने ग्राम पीपरटोला में कृषि भूमि उनकी मां शमीम अख्तर के नाम खरीदी थी। आरोप है कि मां की मानसिक बीमारी का फायदा उठाकर बड़े भाई ने कथित रूप से दानपत्र तैयार कर सहयोगियों गवाहों और उप पंजीयक कार्यालय से जुड़े लोगों की मदद से पूरी जमीन अपने नाम करा ली। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिले के भरवेली में 24 वर्षीय युवक शुभम ढेकवार ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुभम सरदार पटेल कॉलेज डोंगरिया के माइनिंग विभाग का छात्र था। घटना 10 जून की शाम की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जिले के दक्षिण सामान्य वनपरिक्षेत्र लामता के चाचेरी सर्किल स्थित कक्ष क्रमांक 1330 के कटंगनाला में करीब 8 लाख रुपए की लागत से निर्मित स्टॉप डेम पहली ही बारिश में बह गया। यह निर्माण कार्य वर्ष 2024-25 की कार्य योजना के तहत कराया गया था। विभागीय जानकारी के अनुसार डेम का निर्माण 25 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था और 22 मार्च 2025 को इसे पूर्ण घोषित कर दिया गया था। निर्माण के मात्र दो माह बाद ही इसके बह जाने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ रेशम सिंह धुर्वे ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में एसडीओ उकवा परिक्षेत्र अधिकारी उकवा और परिक्षेत्र अधिकारी पश्चिम बैहर को शामिल किया गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बालाघाट जिले के वारासिवनी में पकड़े गए कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) मामले की जांच अब छिंदवाड़ा स्थित एथेनॉल प्लांट तक पहुंच गई है। जांच में खुलासा हुआ है कि गरीबों के लिए आवंटित चावल को एथेनॉल प्लांट के नाम पर मिलों तक पहुंचाया जा रहा था। मामले में संचेती राइस मिल के संचालक सौरभ संचेती एथेनॉल प्लांट प्रतिनिधि राहुल प्रताप और ट्रक चालक दुर्गेश शेन्द्रे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने वारासिवनी की संचेती राइस मिल से 490 बोरियों में भरा 242 क्विंटल 55 किलो सीएमआर चावल बरामद किया था। जांच में पता चला कि यह चावल एफसीआई नवेगांव गोदाम से छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट भेजा गया था लेकिन वहां पहुंचने के बजाय राइस मिल में उतार दिया गया। एसपी आदित्य मिश्रा ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है।