दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र के आर्य नगर में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया है। पति-पत्नी के शव घर के भीतर फांसी पर लटके मिले जबकि दो मासूम बच्चे बेड पर मृत अवस्था में पाए गए।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं लेकिन पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। राजधानी रायपुर में शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि और कथित मनमानी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और फीस बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल अभिभावकों से फीस के साथ-साथ ड्रेस गतिविधियों और अन्य मदों में अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।प्रदर्शन में यह भी कहा गया कि अगर फीस वृद्धि पर रोक नहीं लगी तो बच्चों के ड्रॉपआउट की स्थिति बढ़ सकती है। कांग्रेस ने आरटीई के प्रभावी क्रियान्वयन और अतिरिक्त वसूली पर सख्त रोक लगाने की मांग की है। कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल इलाकों में “धर्म वापसी” अभियान को लेकर हलचल तेज है। बूचीपारा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में विधायक भावना बोहरा ने करीब 100 आदिवासी परिवारों की मूल धर्म में वापसी कराई। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका सम्मान किया गया।कार्यक्रम में विधायक ने लौटे हुए लोगों का स्वागत किया और इसे संस्कृति व परंपरा की वापसी बताया। जानकारी के मुताबिक वे अब तक ऐसे आयोजनों के जरिए 650 से अधिक लोगों की घर वापसी करा चुकी हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व और भूमिका को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव को लेकर कहा कि उन्हें दिल्ली में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालनी चाहिए ताकि प्रदेश में युवाओं को आगे आने का अवसर मिल सके।इस बयान पर टीएस सिंहदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अभी भी सक्रिय हैं और पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसे निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रदेश में ही रहकर जनता से लगातार मुलाकात कर रहे हैं और अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अब “निम्न स्तर की राजनीति” कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जा रही भाषा अस्वीकार्य है और आम जनता भी ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करती।अरुण साव ने आरोप लगाया कि असम पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में मिली हार के बाद कांग्रेस नेताओं का संतुलन बिगड़ गया है और वे मर्यादा भूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक शुचिता और प्रधानमंत्री पद की गरिमा का कांग्रेस द्वारा उल्लंघन किया जा रहा है जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।