होटल के कमरे में मिली महिला की संदिग्ध लाश बिना आधार कार्ड के दी गई थी एंट्री जबलपुर पुलिस ने लौटाए 18 लाख के गुम मोबाइल SP ने 106 लोगों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान बरगी क्रूज हादसा: हाईकोर्ट में याचिका दायर निष्पक्ष जांच के लिए SIT गठित करने की मांग न्याय न मिलने से क्षुब्ध महिला ने एसपी ऑफिस में खाया जहर जबलपुर: शहर के धनवंतरी नगर चौराहे के पास स्थित होटल रिलैक्स इन में एक अज्ञात महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही धनवंतरी नगर चौकी और संजीवनी नगर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। मामले में होटल संचालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है क्योंकि महिला को बिना आधार कार्ड या पहचान पत्र लिए ही होटल में कमरा दे दिया गया था जिससे मृतका की शिनाख्त में मुश्किलें आ रही हैं। शव की स्थिति को देखते हुए मौके पर एफएसएल टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है जो बारीकी से साक्ष्य जुटा रहे हैं। पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला के साथ कौन आया था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है और होटल संचालक से नियमों के उल्लंघन को लेकर पूछताछ की जा रही है। जबलपुर: नागरिकों के गुम हुए मोबाइल तलाश कर खुशियाँ लौटाने के अभियान में जबलपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने शुक्रवार को साइबर सेल द्वारा खोजे गए 106 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सुपुर्द किए। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की अनुमानित कीमत लगभग 18 लाख रुपये आंकी गई है। साइबर सेल ने यह सफलता CEIR पोर्टल और तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से हासिल की है। मोबाइल वितरण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तत्काल संबंधित थाने और सरकारी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही उन्होंने साइबर अपराधों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के निवेश टिप्स पर भरोसा न करें और न ही व्हाट्सएप पर आने वाली संदिग्ध फाइलें डाउनलोड करें। जबलपुर पुलिस द्वारा हर माह जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि जनता को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखा जा सके। पुलिस की इस कार्यवाही से मोबाइल मालिकों ने राहत की सांस ली और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जबलपुर: बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे का मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। समाजसेवी पुष्पा तिवारी की ओर से दायर जनहित याचिका में इस हादसे की आईजीपी स्तर की एसआईटी से जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में सवाल उठाया गया है कि 13-14 लोगों की जान लेने वाली यह घटना महज एक दुर्घटना थी या फिर इसे मास मर्डर माना जाना चाहिए। अधिवक्ता गोपेश तिवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खराब मौसम के येलो अलर्ट के बावजूद पुराने क्रूज को पर्यटकों के लिए उतारा गया और सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। याचिका में यह भी मुद्दा उठाया गया है कि हादसे के तुरंत बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से क्रूज को डिस्मैंटल क्यों किया गया। मामले में राज्य शासन कलेक्टर एसपी और एमपी टूरिज्म के अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है जिसकी सुनवाई अगले सप्ताह मुख्य न्यायाधीश की बेंच में होने की संभावना है। जबलपुर: जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब अपनी मासूम बच्ची के साथ पहुँची एक पीड़ित महिला ने जहरीली दवाइयां खाकर खुदकुशी की कोशिश की। अधारताल के धनी कुटिया की रहने वाली 35 वर्षीय अंजू पांडे का आरोप है कि वह लंबे समय से मोहल्ले के दबंगों की प्रताड़ना झेल रही है लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। थाने के चक्कर काटकर थक चुकी महिला ने हताशा में एसपी कार्यालय के भीतर ही अस्थमा की कई गोलियां निगल लीं। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला को विक्टोरिया अस्पताल पहुंचाया जहाँ डॉक्टरों ने उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है। इस मामले ने पुलिस की संवेदनशीलता और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है कि आखिर अधारताल थाने में महिला की शिकायतों को नजरअंदाज क्यों किया गया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।