मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा महिला आरक्षण लागू करने के लिए पेश किया गया शासकीय संकल्पनारी शक्ति वंदन अधिनियम विपक्ष के वॉकआउट के बीच ध्वनिमत से पारित हो गया। इस विशेष संकल्प का उद्देश्य विधानसभा में महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिला आरक्षण लागू करना था। विधानसभा के एक दिन के विशेष सत्र में करीब 9 घंटे की चर्चा के बाद ये संकल्प पारित किया गया। ‘नारी शक्ति वंदन’ पर चर्चा के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयान और उस पर विपक्ष के तीखे जवाब ने सियासी माहौल गरमा दिया है। सीएम ने जहां कांग्रेस पर महिलाओं का हक रोकने का आरोप लगाया वहीं विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर नीयत साफ है तो 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए परिसीमन का इंतजार क्यों। सीएम ने अपने भाषण में यह भी कहा कि बिना संविधान संशोधन और परिसीमन के महिला आरक्षण लागू करना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया हमेशा विरोध का रहा है—सत्ता में रहते हुए भी और विपक्ष में रहते हुए भी। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर सरकार स्पष्ट जवाब दे कि इसे लागू कब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज आरक्षण चाहती हैं 2029 या 2047 में नहीं। अगर सरकार की मंशा साफ है तो मौजूदा व्यवस्था में ही इसे लागू किया जाना चाहिए।