राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारियों के सम्मेलन में जिला प्रशासन द्वारा किए गए नवाचारों की सराहना की गई। कार्यक्रम में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। उन्होंने जिला प्रशासन और जिला पंचायत रायपुर को इस आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से ग्रामीण शासन व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं। वे श्रीनगर में आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर में शामिल होंगे।दौरे को लेकर उन्होंने बताया कि शिविर में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहेंगे। इसमें देश में खेलों के विकास खिलाड़ियों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।अरुण साव ने कहा कि इस चिंतन शिविर में खेल क्षेत्र को मजबूत करने और खिलाड़ियों के हित में नई योजनाएं तैयार करने पर विचार किया जाएगा। राजधानी रायपुर में दोपहिया वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी B.Tech डिग्रीधारी है और शहर के अलग-अलग इलाकों से एक दर्जन से अधिक बाइक चोरी कर चुका था। छत्तीसगढ़ विधानसभा के 30 अप्रैल को प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सत्र में लाए जाने वाले संभावित निंदा प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि राज्यपाल के आदेश के अनुसार विपक्ष सत्र में शामिल होगा और सभी विधायी कार्यवाही में भाग लेगा। हालांकि उन्होंने सरकार की ओर से प्रस्तावित निंदा प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकसभा के बाद विधानसभा में इस तरह का प्रस्ताव लाना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सलाहकारों की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विशेष सत्र में सरकार विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने देश की आधी आबादी के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ कार्य किया है। अरुण साव ने यह भी कहा कि यही प्रस्ताव आगे नगरीय निकायों और पंचायतों में भी लाया जाएगा ताकि जनता को विपक्ष की भूमिका के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने दावा किया कि जनता इस मुद्दे पर विपक्ष को कभी माफ नहीं करेगी। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के कामकाज और व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत का आकलन अब राज्य स्तरीय टीम करेगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा विशेष टीमों का गठन किया जा रहा है जो पूरे राज्य में नगर निकायों की स्थिति की समीक्षा करेंगी। नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने जानकारी देते हुए कहा कि विभाग नगरी निकायों की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि समय से पहले तैयारियों की समीक्षा की जा रही है ताकि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें। मंत्री ने कहा कि गठित टीम बरसात के मौसम से पहले शहरों में साफ-सफाई जल निकासी और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की स्थिति का विस्तृत आकलन करेगी। इसके साथ ही इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी भी संचालक स्तर पर की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने न आए। सरकार का मानना है कि इस पहल से नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। रायपुर नगर निगम की प्रस्तावित विशेष सामान्य सभा को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने इस बैठक की वैधता पर सवाल उठाए हैं। एजाज ढेबर ने कहा कि नगर निगम की विशेष सामान्य सभा केवल आपात परिस्थितियों जैसे आपदा जल संकट या स्वच्छता से जुड़े गंभीर मामलों में तत्काल निर्णय लेने के लिए बुलाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा स्थिति में ऐसी कोई आपात आवश्यकता नहीं है फिर भी बैठक आयोजित की जा रही है। उन्होंने संबंधित मंत्री अधिकारियों और महापौर से सवाल करते हुए पूछा कि क्या यह बैठक नियमों के अनुसार बुलाई गई है। ढेबर ने यह भी कहा कि इससे पहले भी “वन नेशन वन इलेक्शन” जैसे विषयों पर चर्चा कराई गई थी जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।