मध्य प्रदेश की राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने महिला आरक्षण विधेयक के संसद में पारित न हो पाने पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया है। कृष्णा गौर ने कहा कि जब भाजपा ने 33% आरक्षण को जल्द लागू करने के लिए सार्थक कदम बढ़ाया तो कांग्रेस और उसके सहयोगि दलो ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते पलटी मारकर इसे रोक दिया। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 50 साल राज करने वाली कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि महिलाएं सशक्त हों। गौर ने स्पष्ट किया कि भले ही विपक्ष ने इस ऐतिहासिक बदलाव में रोड़ा अटकाया हो लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा बहनों के हक की लड़ाई जारी रखेगी। यह बयान बता रहा है कि आने वाले समय में भाजपा इस विधेयक के गिरने को विपक्ष के खिलाफ बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने वाली है।