विष्णुधाम मंदिर से जुड़े विवाद को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन श्रवण बाधित बच्चों को मिली नई जिंदगी माता-पिता के चेहरों पर लौटी मुस्कान रमजान के दो अशरे पूरे आज से आखिरी अशरा शुरू भरवेली क्षेत्र के इमलीटोला स्थित प्राचीन विष्णुधाम मंदिर को लेकर सामने आए विवाद के मामले में ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के सेवदारों और श्रद्धालुओं पर लगाए गए आरोप झूठे और निराधार हैं जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा मंदिर की प्रतिष्ठा को बदनाम करने और झूठे प्रकरण में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। जिला मुख्यालय से सटे ग्राम कोसमी में शासकीय और निजी भूमि पर कुछेक लोगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीण राजकुमार खोबरागड़े रविप्रसाद लिल्हारे और ईमला बाई निकोसे ने बताया कि कोसमी निवासी मुकेश माहुले हितेश माहुले ओमकार माहुले यशवंत माहुले देवकी माहुले सहित अन्य ने शासकीय व निजी भूमि और किराए पर दिए गए दुकान में अवैध रुप से कब्जा कर लिया है। भूमि को खाली कराए जाने की मांग पर वे लोग अश्लील गाली-गलौज कर मारने-पीटने की धमकी देते हैं। . जिला अस्पताल के जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में विश्व श्रवण सप्ताह के तहत जन्म से श्रवण बाधित बच्चों का फॉलोअप किया गया। इस दौरान जिन बच्चों को मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना के तहत निशुल्क सर्जरी और उपचार मिला है उनकी ऑडियोमेट्री जांच और स्पीच थेरेपी की गई। समक्ष सहारे अर्पिता संयम नायरा कटरे और टाटरी जैसे बच्चे जो पहले सुन और बोल नहीं पाते थे अब आवाजों को पहचानने और बोलने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि इस योजना के तहत एक बच्चे के उपचार पर लगभग 6 लाख 50 हजार रुपये तक खर्च किया जाता है और पूरा इलाज निशुल्क किया जाता है। बच्चों में आए बदलाव से माता-पिता के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। पवित्र माह रमजान में इबादतों का दौर जारी है। चांद के दीदार के साथ 18 फरवरी से शुरू हुए रमजान के दो अशरे मंगलवार को पूरे हो गए वहीं आज से तीसरा और आखिरी अशरा शुरू हो गया है। इसी आखिरी अशरे में शब-ए-कद्र की अहम रात भी आएगी जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग पूरी रात इबादत करते हैं। वहीं रमजान और ईद को लेकर बाजारों में भी रौनक बढऩे लगी है। कपड़े खजूर सेवई और ड्राई फ्रूट की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष सेवई और ड्राई फ्रूट सहित अन्य सामानों के दाम करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। बैहर महाविद्यालय में खुलेआम हो रहा है नकल परीक्षा सत्र 2025-26 में मोबाइल व कॉपी बदलकर परिक्षार्थियों द्वारा खुलेगाम नकल हो रहा है। परीक्षा प्रभारी डॉ शशिकात मीर्य तथा जनभागीदारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नंदकिशोर कावरे को प्रभारी प्राचार्य बी. एल. चौहान का संरक्षण प्राप्त है प्रभारी द्वारा नाहर से वीक्षक बुलाकर खुलेआम नकल कराया जा रहा है। गत वर्ष भी उच्चधिकारियों को शिकायत की गई श्री परन्तु कार्यवाही नहीं होने के कारण परीक्षा प्रभारी डॉ. शशिकांत मौर्य के हौसले बुलंद है जिसके कारण मनमर्जी से परीक्षा संचालित की जा रही है। वन विकास निगम लामता रेंज अंतर्गत पाद्रीगंज सर्किल के दक्षिण मोहगांव बिट में बाघ के हमले से एक वृद्ध की मौत हो गई। मृतक की पहचान इनकार सिंह सैयाम (55) निवासी मोहगांव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार 9 मार्च को दोपहर करीब 12 बजे इनकार सिंह अपने भतीजे पुनेश के साथ साइकिल से जंगल लकड़ी लेने गया था । वे मलधर क्षेत्र के उस जंगल में पहुंचे जहां पहले वन ग्राम था और अब विस्थापित हो चुका है। लकड़ी बिनने के दौरान बाघ ने मृतक पर हमला कर दिया। हमले में इनकार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनका भतीजा किसी तरह भागकर गांव पहुंचा और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। गर्मी की शुरुआत होते ही बालाघाट जिले के लामता क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत के बाहुल्य आदिवासी ग्राम खैरा में जलसंकट गहराने लगा है। गांव के वार्ड क्रमांक 20 स्थित बैगाटोला में पानी की गंभीर समस्या के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां का मुख्य कुआं अब सूखने की कगार पर पहुंच गया है जिससे उसमें बचा हुआ पानी भी गंदा और मटमैला हो गया है। मजबूरी में ग्रामीणों को यही पानी पीने और घरेलू उपयोग के लिए इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगे हैंडपंप से निकलने वाला पानी जंग मिला हुआ और पीने योग्य नहीं है जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। पवित्र धार्मिक स्थल बोधगया से गैर बौध्दों का अतिक्रमण हटाने और उक्त पवित्र स्थल को बौद्धों के सुपुर्द किए जाने की मांग बौद्ध अनुयायियों द्वारा देश भर में पिछले कई वर्षों से की जा रही है।अपनी इसी मांग को लेकर बोधगया में पिछले वर्ष से बौद्ध धर्मगुरुओं द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है मंगलवार को बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने नगर के आम्बेडकर चौक पहुचकर एकदिवसीय धरना प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।वही शाम को धरना स्थल से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने उनकी उक्त मांग को जल्द से जल्द पूरा किए जाने की गुहार लगाई है।