जबलपुर नगर निगम में आज जब सदन की बैठक हुई तो नजारा कुछ बदला-बदला था। जो महापौर पहले कांग्रेस पार्षदों के साथ बैठा करते थे आज की बैठक में वो भाजपा पार्षदों के साथ बैठकर भाजपा सरकार का बजट पेश कर रहे थे जिसके विरोध में आज कांग्रेस पार्षद काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि महापौर जगत बहादुर अन्नू ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर पार्टी बदल ली. जिसको लेकर ना सिर्फ कांग्रेस पार्टी के पार्षदों में रोष है जबलपुर शहर की जनता भी दुखी हैं. जबलपुर में शिकायतकर्ताओं ने आज एस पी कार्यालय में पहुंच कर जांच की मांग की है. अंतराज्योय वाहन चोर गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर पुलिस के द्वारा कई व्यक्तियों पर जानबूझकर अनुचित लाभ लेकर छोड़ दिया गया है. गुजरात काईम ब्रांच वाहन चोर हरीश कन्नूभाई को पकड़ा गुजरात में केस चल रहा है। जबलपुर पुलिस को सौप कर प्रकरण में गवाह बना लिया गया था. नाकों की रसीदे भी उपलब्ध है मजबूर होकर प्रार्थीगण विधिक सलाह लेकर पुलिस से जांच की मांग की है. पीड़ित दीपक चौधरी पिता रमेश चौधरी ने बताया - में प्रताड़ित हूँ बहुत परेशान हूँ आये दिन मोहल्ले में मेरा नाम लेकर गाली गलौच देता है और जान से मारने की धमकी देता है। मेरा घर से निकलना मुश्किल है.मुजरीम दीपक चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज़ कराई है. पुलिस इसे गंभीरता से नहीं ले रही है. दीपक किशोरी के ऊपर 40 से 45 के ऊपर केस है। मर्डर केस हाफ मर्डर चौतीस टूर बम काण्ड और 25 आर्म्स एक्ट 151 का केस और गाँजा कई अपराध है। इसका रिकार्ड निकाला जाए और कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए. जबलपुर में शोहदे से परेशान होकर 22 वर्षीय युवती ने आत्मघाती कदम उठाते हुए जहर पी लिया है। युवती को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना रविवार-सोमवार दरमियानी रात की है। युवती के परिजनों का आरोप है शोहदे के खिलाफ कई बार पुलिस से शिकायत भी की गई पर जब पुलिस के द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो उसने आत्महत्या करने के लिए जहर पी लिया मौके पर पहुंची मदन महल थाना पुलिस ने युवती और उनके परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हाई कोर्ट की जबलपुर की बेंच से आठ बार जमानत अर्जी निरस्त होने के बाद बाद अपीलार्थी ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है। सुप्रीम कोर्ट ने हत्या से जुड़े मामले में राहतकारी व्यवस्था देते हुए कहा - आरोपित को ट्रायल कोर्ट में पेश किया जाए और संबंधित अदालत उसे जमानत का लाभ दें। सुप्रीम कोर्ट के युगपीठ ने अपीलार्थी को निर्देश दिए कि वह ट्रायल के दौरान कोर्ट का पूरा सहयोग करे और नियत तिथि पर अपनी हाजिरी दर्ज कराए।