विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को मध्यप्रदेश में हुए नर्सिंग घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन में सवाल उठाया। ध्यानाकर्षण के दौरान उन्होंने कहा कि मामले को लेकर अगर मेरे आरोप गलत साबित होते है तो मैं नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों छात्रों को नहीं पता था कि जिस कॉलेज में वे एडमिशन ले रहे है वो फर्जी है। नर्सिग घोटाला के लिए नियम बदले गए. उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि बिना किसी मंत्री के संरक्षण के ये घोटाला किया जाना बहुत मुश्किल था। उन्होंने कहा नर्सिंग घोटाले के जिम्मेदार तत्कालीन चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग अपना इस्तीफा दे । वही खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कॉलेजों को परमिशन देने की जिम्मेदारी तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल की तत्कालीन रजिस्ट्रार सुनीता शिजू को दी थी। उन्होंने ही कॉलेज खोलने के लिए परमिशन दी है। सारंग ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पहले 453 बाद में 445 नर्सिंग कॉलेजों को बिना इंस्पेक्शन मान्यता दी गई। परमिशन संबंधी जो नियम 2018 में भाजपा सरकार ने बनाए थे वे कांग्रेस गवर्नमेंट में लागू नहीं किए गए। नियम शिथिल करने का काम कांग्रेस सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि कोई भी अनुमति आदेश मेरे द्वारा नहीं दिया गया था। ऐसी कोई भी फाइल मंत्री तक नहीं आती है। सारे निर्णय मेडिकल काउंसिल लेती है।