मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की सोम ग्रुप की फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराने के खुलासे के बाद बुधवार को आबकारी विभाग ने लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई कर दी। आबकारी आयुक्त ने फैक्ट्री का लाइसेंस 20 दिवस या श्रम विभाग के प्रतिवेदन प्राप्त होने जो भी बाद में आए तक निलंबित कर दिया है। आबकारी विभाग के अनुसार लाइसेंस की शर्तों के अनुसार शराब फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराएं जाना जरूरी है। नाबालिग बच्चों से फैक्ट्री में कार्य कराए जाने से स्पष्ट है कि इस शर्त का उल्लंघन किया गया है। दूसरा शराब फैक्ट्री में 21 वर्ष से कम आयु/ पागल को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। रायसेन जिले के कलेक्टर की रिपोर्ट के अनुसार फैक्ट्री में 59 नाबालिग बालक/बालिकाएं कार्य करते पाएं गए है। गौरतलब है कि सोम डिस्टलरी का यह कारनामा नया नहीं है। इससे पहले भी देशी-विदेशी मदिरा मिस ब्रांडेड पाए जाने की शिकायतों के बाद सोम का लायसेंस निलंबित हो चुका है। साथ ही सोम ग्रुप पर सरकार का 583 करोड़ बकाया है। सोम के मालिक जगदीश अरोरा GST चोरी में जेल की हवा खाने के बाद भी लोगों को अपना पार्टनर बनाकर करोड़ो रुपये की धोखाधड़ी कर रहे हैं। कुछ दिन पहले अरोरा के पार्टनर राधेश्याम सेन सुसाइड भी कर चुके हैं। सुसाइड से पहले सेन ने वीडियो बनाकर सोम डिस्टिलरीज के संचालक अरोरा बंधुओं पर पैसे नहीं देने और कर्ज में डूब होने की बात कही थी। सोम के रसूख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता हैं कि करोड़ो की बकाया राशि पार्टनर के साथ धोखाधड़ी के पर्याप्त सबूत होने के बाद भी सरकार अरोरा बंधुओं पर कोई कार्रवाही नहीं कर पा रही हैं। सरकार ने 20 दिन के लिए लायसेंस निलंबित कर केवल खानापूर्ति की है।