MP High Court: नीट परीक्षा परिणाम को चुनौती देते हुए याचिका दायर सोमवार को सुनवाई संभावित जबलपुर निवासी अमीषी वर्मा की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा है कि वह नीट यूजी परीक्षा 2024 में शामिल हुई थी। उसे 720 अंक में से 615 अंक प्राप्त हुए थे। नीट यूजी परीक्षा परिणाम को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है एक कोचिंग सेंटर में आठ छात्रों के नाम व रोल नंबर एक सामान हैं। छात्रों को परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक मिले हैं। याचिका में नीट परीक्षा में भाई-भतीजावाद तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। जबलपुर में 9 जून को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 485वीं जयंती पर के शौर्य यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस शौर्य यात्रा में सभी सनातनी और क्षत्रिय परंपरा का निर्वहन करते हुए शौर्य यात्रा सिविक सेंटर से प्रारम्भ होगी। शौर्य यात्रा शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए महाराणा प्रताप चौक नगर निगम में समाप्त होगी। इस यात्रा में विभिन्न धर्मो और समाज के गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। महाराणा प्रताप जयंती पर होने वाली शौर्य यात्रा की तैयारियां जोर शोर से चल रही है। बीते दिनों ओमती थाना क्षेत्र में हुए विवाद और फिर बीती रात उड़िया मोहल्ला के सैकड़ो लोगों द्वारा थाने का घिराव करने के बाद पुलिस ने विवादित मामले को सुलझाते हुए देर रात 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। आपको बता दे कि क्षेत्र में अशांति फैलाने और खुलेआम गुंडागर्दी करने के सीसीटीवी के साक्ष्यप पुलिस के पास थे जिनके आधार पर आरोपियों को अलग-अलग जगह से गिरफ्तार किया गया है। जिस पर धारा 151 की कार्रवाई की गई है शहर के सार्वजनिक स्थानों में शराब के जाम छलकने वालों पर जबलपुर पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया। जबलपुर एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने कड़े लहजे में प्रत्येक थाना प्रभारी को यह हिदायत दी है कि किसी भी थाना क्षेत्र में खुले में शराब खोरी और जाम छलकाने वालों पर बिना रियायत बरते सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने आदेश दिया है कि प्रतिदिन शाम को 7 बजे से 9 बजे तक थाना क्षेत्र में शाम की गणना के पश्चात अधिक से अधिक बल लेकर थाना क्षेत्र के बाजार संवेदनशील क्षेत्र एवं शराब दुकान के आसपास तथा एैसे सार्वजनिक स्थल गार्डन पार्क मैदान आउटर साईड की सुनसान अधिक अंधेरी सड़कें जहॉ पर शराबखोरी होती है पैदल भ्रमण करते हुये कार्यवाही करें। जबलपुर में कटंगी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला की मौत के कुछ घंटे भी नहीं बीते थे कि एक निजी अस्पताल में वृद्धा की इलाज में कमी बरतने के कारण मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने बताया कि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था और कंपाउंडरों के जरिए इलाज किया जा रहा था। शहपुरा से अच्छे इलाज के लिए जबलपुर लेकर आए और जबलपुर के मार्बल सिटी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया पर उनके बेटों को यह नहीं पता था कि यह निजी अस्पताल भी अब व्यापारिक संस्थान बन चुके हैं। परिजनों के अनुसार अस्पताल में कोई भी सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं था और कंपाउंडरों और नसों के भरोसे पूरा इलाज चल रहा था।