क्षेत्रीय
मध्य प्रदेश में नर्सिंग महाघोटाला लगातार सूर्खियों में है। नर्सिंग घोटाले में पिछले 1 साल से सीबीआई जांच भी चल रहीं है। वहीं उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच में सूटेबल यानी पात्र डिफिशिएंसी यानी अपात्र और तय मापदंड पर खरे नहीं उतरने वाले उन कॉलेज की परिक्षाएं कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जिन नर्सिंग कॉलेजों ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे लिया था प्रदेश के उन सभी नर्सिंग कॉलेजों के सभी छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं कराने के आदेश दिए हैं । नर्सिंग घोटाले को उजागर करने वाले एनएसयूआई नेता रवि परमार ने इसको छात्र छात्राओं की एवं खुद की जीत बताते हुए उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया और नर्सिंग के सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी।