भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनपढ़ बता दिया. उन्होंने कहा सरकार मंदिरों का पैसा लूट रही है. राम मंदिर के नाम पर लूट हो रही है. भगवान राम इसका बदला लेंगे.यूट्यूब चैनल में साक्षात्कार देते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी के ऊपर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ा.उन्होंने कहा मोदी बहुत पावरफुल है. मैं अपनी ही सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रहा हूं.लोकतंत्र को खतरा है. जवाहरलाल नेहरू के समय से जो हम लोकतंत्र को देख रहे थे. अब वह इतिहास बनने जा रहा है. सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि इंग्लैंड में जब हिटलर का खतरा पैदा हो रहा था. उस समय भी उसके एक मंत्री ने हिटलर का विरोध किया था. लेकिन यहां पर कोई प्रधानमंत्री के विरोध करने का साहस ही नहीं करता है.सब प्रधानमंत्री मोदी से डरते हैं. भाजपा की नीतियों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काम नहीं कर रहे हैं.संघ भी चुपचाप बैठा हुआ है. मोदी जी कहते हैं चीन भारत की सीमा के अंदर नहीं घुसा है. सरहद के अंदर कोई गुस्सा नहीं है. सरहद के अंदर कोई आया ही नहीं है. चीन ने लद्दाख की सीमा पर कब्जा कर लिया है. दूसरे देशों ने सेटेलाइट से फोटो लिए हैं. वह फोटो सारी दुनिया में उपलब्ध हैं.उसके बाद भी मोदी बोलते हैं कोई गुस्सा नहीं है. सुब्रमण्यम स्वामी ने तेजस और राफेल के बारे में भी कहा. उन्होंने कहा कि राफेल में दलाली ली गई है. मोदी ने 18 बार गुप्त मीटिंग की है. जिसकी जानकारी वह सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं. सरहद को लेकर कभी भी इतनी डिप्लोमेसी नहीं देखी जो अब हो रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने राफेल में रिश्वत लेकर बहुत गंदा काम किया है. सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा विपक्ष का आरोप सही है. पब्लिक ने मोदी की दो बार सरकार बनाई है. वही पब्लिक उनकी सरकार को हटाएगी. उन्होंने कहा भारत की पब्लिक ने जब इंदिरा गांधी को हटा दिया तो मोदी भी हटेंगे. मोदी जी पत्रकारों से नहीं डरते हैं.लेकिन चीन से डरते हैं.जो बाइडेन ने वियतनाम में पहुंचकर कहा कि भारत में डेमोक्रेसी को खतरा है. भारत में मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने दी गई. लोकतंत्र को बचाने के लिए भारत के लोगों को सोचना चाहिए.अमेरिका भी कह रहा है भारत की डेमोक्रेसी को खतरा है. अर्थव्यवस्था के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहाकि मोदी झूठे आंकड़े दे रहे हैं. उनकी झूठ बोलने की आदत हो गई है. सच बोलेंगेतो पब्लिक के बीच में छवि खराब हो जाएगी. मोदी जी ठीक काम नहीं कर रहे हैं. राहुल गांधी और सोनिया गांधी को भी समझ नहीं आ रहा है कि मोदी का विरोध कैसे करना है. विपक्ष के पास कौन सा चेहरा है. इसको लेकर उन्होंने कहा की पब्लिक सब जानती है. विपक्ष को चेहरा देना चाहिए. सुब्रमण्यम स्वामी बड़े मुखर होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोल रहे हैं. पार्टी उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं कर रही है. वह सुप्रीम कोर्ट जाने की बात भी कर रहे हैं. सुब्रह्मण्य स्वामी लगातारप्रधानमंत्री मोदी का मुखर होकर विरोध कर रहे हैं. भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चुप्पी सबको आश्चर्य में डाल रही है. विशेष रूप से सुब्रह्मण्य स्वामी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की तुलना हिटलर से करने जैसी गंभीर बात पर भी भारतीय जनता पार्टी की चुप्पी आश्चर्यजनक है. सुब्रमण्यम स्वामी की जगह और कोई होता तो पार्टी उसे बाहर का रास्ता दिखा देती.