शहर में दुर्गा मंदिर सहित तीन-चार जगह एक ही रात में टूटे ताले राज्य सेवा परीक्षा में कैदी को भी मिला शामिल होने का अवसर माँ गायत्री शक्तिपीठ मंदिर में जारी श्रीमद् भागवत गीता ज्ञानयज्ञ का हुआ भव्य समापन शहर के ह्रदय स्थल व अति व्यवस्तम मार्ग हनुमान चौक के समीप बीती रात अज्ञात चोरों ने एक डॉक्टर की क्लिनिक व मां दुर्गा मंदिर व अन्य एक-दो प्रतिष्ठानों के ताले तोडक़र चोरी करने का प्रयास किया गया। बताया गया कि चोर डॉ. वेदप्रकाश लिल्हारे की क्लिनिक में ताला तोडक़र नकदी राशि चोरी करने में सफल हुये। दूसरे दिन रविवार की सुबह चोरी की सूचना पुलिस को मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा कोतवाली टीआई प्रकाश वास्कले अपने स्टॉप के साथ मौके स्थल पर पहुंचे और चोरी की वारदात के बारे में जानकारी ली गई। पुलिस द्वारा सीसीटीव्ही फुटेज भी खंगाले जा रहे है और अज्ञात चोरों के बारे में पतासाजी की जा रही है। जिला कतिया समाज बालाघाट की सामाजिक जिला स्तरीय बैठक रविवार को शहर के जयस्तंभ चौक समीप स्थित आ बेडकर भवन में आयोजित हुई। बैठक में आगामी समय में युवक-युवती परिचय स मेलन का आयोजन कराने सहित अन्य विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान प्रमुख रूप से जिला कतिया समाज बालाघाट के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे। मप्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारम्भिक परीक्षा में एक कैदी को भी शामिल होने का अवसर मिला है। परीक्षा नोडल अधिकारी राहुल नायक ने बताया कि जैसे शिक्षा का अधिकार है उसी तरह शा. उत्कृष्ठ विद्यालय में बने केंद्र पर उपजेल बालाघाट के एक कैदी को भी अपनी योग्यता सिद्ध करने का पूरा अवसर परीक्षा में शामिल कर दिया गया। शहर के सभी १३ केंद्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा सम्पन्न हुई। परीक्षा की सफलता के लिए कड़ी सुरक्षा और निगरानी के पूरे इंतजाम किए गए थे। मुख्यालय से लगभग १२ किमी. दूर जिले की प्रवेश स्थली देवनगरी ग्राम पंचायत कंजई स्थित मां गायत्री शक्तिपीठ मंदिर प्रांगण में गत १० दिसंबर से जारी श्रीमद् भागवत गीता ज्ञानयज्ञ सत्संग संगोष्ठी का १७ दिसंबर को गायत्री शक्तिपीठ के ४२ वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के साथ धार्मिक यज्ञीय वातावरण में समापन किया गया। इस अवसर पर प्रात: ११ बजे से शाम ६ बजे तक गायत्री शक्तिपीठ कंजई का ४२ वाँ वार्षिक उत्सव मनाया गया जिसके पश्चात विभिन्न संस्कार संपन्न करवाये गये एवं वैदिक मंत्रोचारण के साथ पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया