सागर शहर में डॉ गौर की जयंती पर शहर भर में विविध आयोजन किये जा रहे है एक तरफ विश्वविद्यालय मैं गौर गौरव सप्ताह के तहत विभिन्न आयोजन किये गए। आयोजनों की इसी श्रृंखला में रविवार को जयंती दिवस के अवसर पर विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा पारंपरिक तौर पर शहर के तीन बत्ती स्थित गौर प्रतिमा पर कुलपति द्वारा माल्यार्पण किया गया इस दौरान आयोजित कार्यक्रम मे विश्विद्यालय के शैक्षिणिक स्टाफ के अलावा शहर के गणमान्य नागरिक जनप्रतिनिधि तथा आमजन उपस्थित थे इसके पश्चात गौर मूर्ति से एक रैली का आयोजन किया गया जो शहर में भ्रमण कर विश्वविद्यालय प्रांगण पहुंची जहां कुलपति ने डॉ गौर की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की तीन बत्ती तथा विश्विद्यालय प्रांगण मैं आयोजित कार्यक्रम में विश्व विद्यालय की कुलपति श्रीमती नीलिमा गुप्ता ने डॉ हरिसिंह गौर के जीवन व्रतांत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ गौर जैसा कोई दूसरा नही है उन्होंने जो सपना देखा उसको पूरा करने सभी कृत संकल्पित है उन्होंने कहा कि विश्विद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रम प्रारंभ किये गए है तथा वर्तमान में विश्व विद्यालय में 25 राज्यों के विद्यार्थी अध्ययनरत है कुलपति ने कहा कि हम सब डॉ गौर ने जो सपने देखे हैं इसके लिए समन्वित प्रयास करने के लिए कटिबद्ध है उन्होंने कहा कि आज संविधान दिवस है और dr गौर का भारत के संविधान निर्माण में भी अहम योगदान है इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जन को संविधान की शपथ दिलवाई