# हिंदी बिजनेस बुलेटिन | 26 अक्टूबर 2026 **शेयर बाजार में गिरावट सेंसेक्स 100 अंक टूटा** भारतीय शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 100 अंक गिरकर 73 हजार के स्तर पर कारोबार कर रहा है जबकि निफ्टी में भी लगभग 50 अंकों की कमजोरी है और यह 22 हजार 550 के स्तर पर है। ऑटो एफएमसीजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में ज्यादा बिकवाली देखने को मिल रही है। बाजार में निवेशकों की नजर अब कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर बनी हुई है। **जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का अलॉटमेंट आज** जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए आवेदन करने वाले निवेशकों की नजर आज अलॉटमेंट स्टेटस पर है। निवेशक बीएसई एनएसई या रजिस्ट्रार केफिन टेक्नोलॉजीज की वेबसाइट पर जाकर पता कर सकते हैं कि उन्हें शेयर मिले हैं या नहीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है। निवेशकों को सलाह है कि वे अलॉटमेंट और लिस्टिंग से जुड़ी तारीखों की आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि कर लें। **X पर लाइक करके भेज सकेंगे एक डॉलर की टिप** एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नए टिपिंग फीचर का ऐलान किया है। इसके तहत यूजर लाइक बटन को कुछ देर तक दबाकर किसी अन्य यूजर या कंटेंट क्रिएटर को एक डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह भुगतान एक्स के पेमेंट प्लेटफॉर्म एक्स मनी के जरिए किया जाएगा। फिलहाल इस फीचर को अमेरिका के यूजर्स के लिए पेश करने की योजना है। इस सुविधा से क्रिएटर्स को उनके कंटेंट के बदले सीधे आर्थिक सहयोग मिलने का रास्ता खुल सकता है। **पारे से सोना बनाने का अमेरिकी स्टार्टअप का दावा** अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित स्टार्टअप मैराथन फ्यूजन ने पारे को सोने में बदलने का दावा किया है। हालांकि कंपनी ने प्रयोग के दौरान तैयार किए गए सोने की कुल मात्रा का खुलासा नहीं किया है। इस दावे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस तकनीक से व्यावसायिक स्तर पर सोना तैयार करना संभव होगा और क्या इससे भविष्य में सोने की कीमतों पर असर पड़ सकता है। परमाणु प्रक्रियाओं के जरिए एक तत्व को दूसरे तत्व में बदलने की अवधारणा नई नहीं है लेकिन बड़े पैमाने पर ऐसा करना आर्थिक और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। **विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में भारतीय बाजार से निकाले 48 हजार करोड़ रुपये** भारतीय शेयर बाजार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली अक्टूबर में भी जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक भारतीय इक्विटी बाजार से करीब 48 हजार 56 करोड़ रुपये की निकासी की है। इसके साथ ही वर्ष 2026 में उनकी कुल निकासी 3 लाख 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव महंगाई की चिंता और कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों को इसकी प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है। हालांकि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बिकवाली की रफ्तार कुछ धीमी हुई और विदेशी निवेशक दो कारोबारी सत्रों में शुद्ध खरीदार भी रहे।