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07-Oct-2026

दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना हरिनगर स्थित एक पीजी की है जहां परीक्षा देने दुर्ग आए करीब 26 वर्षीय चित्रेश सहारे का विवाद के दौरान चाकू से हमला कर दिया गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एएसपी शोभराज अग्रवाल के मुताबिक चित्रेश अपने दोस्त रवि के पीजी रूम में महिला मित्र के साथ पहुंचा था। इसी दौरान पीजी में रहने वाले वैभव और राजकुमार यादव से सिगरेट मांगने को लेकर विवाद हुआ। महिला मित्र से कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी विवाद बढ़ने की बात सामने आई है। आरोप है कि विवाद के दौरान मारपीट के बाद चित्रेश पर चाकू से हमला किया गया। मोहन नगर पुलिस ने मामले में राजकुमार यादव समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस विवाद की वजह और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें बधाई दी है। सीएम साय ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और आज मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि इस मौके पर राजधानी रायपुर में ‘सेवाज्योति संकल्प यात्रा’ का आयोजन भी किया गया है। ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के सवालों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है जबकि इसी ईवीएम के जरिए कांग्रेस के नेता सांसद और विधायक भी चुने जाते हैं। सीएम साय ने कहा कि जीत के समय कांग्रेस ईवीएम पर सवाल नहीं उठाती लेकिन हार के बाद उसी को अपनी हार का कारण बताती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है और अब उसके आरोपों में कोई दम नहीं रह गया है। बस्तर की बहुचर्चित बोधघाट परियोजना एक बार फिर सियासत के केंद्र में है। परियोजना को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच अलग-अलग राय सामने आई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने परियोजना से संभावित विस्थापन पर सवाल उठाए हैं जबकि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में सिंचाई की जरूरत और परियोजना के संभावित लाभों पर जोर दिया है। दीपक बैज के मुताबिक परियोजना से 20 हजार से ज्यादा ग्रामीण प्रभावित होंगे और 56 गांव डूबान क्षेत्र में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी योजना पर विचार होना चाहिए जिससे सिंचाई का लाभ मिले लेकिन लोगों को अपनी जमीन और गांव से विस्थापित न होना पड़े। बैज ने विकल्प के तौर पर मटनार और देउरगांव बैराज का जिक्र किया। वहीं विजय शर्मा ने कहा कि किसी भी बड़े बांध के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। उन्होंने डूबान के मुकाबले मिलने वाले सिंचाई लाभ का आकलन जरूरी बताया और कहा कि प्रभावित लोगों से बातचीत कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ना चाहिए। ऐसे में बोधघाट को लेकर बहस अब सिंचाई के लाभ और संभावित विस्थापन के बीच संतुलन पर केंद्रित हो गई है। नवरात्रि में होने वाले गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के बयान का समर्थन किया है। मंत्री ने कहा कि गरबा देवी मां की आराधना से जुड़ा धार्मिक आयोजन है इसलिए जो व्यक्ति मूर्ति पूजा में आस्था नहीं रखता उसे ऐसे कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गरबा में शामिल होना चाहता है तो उसे आयोजन की धार्मिक भावना और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों की गलत हरकतों के कारण पूरे समाज की बदनामी होती है और इससे सामाजिक वैमनस्य की स्थिति बन सकती है। वहीं पहचान छिपाकर गरबा में प्रवेश करने के आरोपों को लेकर मंत्री ने कार्रवाई की बात कही है। हालांकि एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया मामले के तथ्यों और लागू कानून के अनुसार ही होगी। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज भी गरबा को धार्मिक आयोजन बताते हुए मुस्लिम युवाओं से इससे दूरी बनाए रखने या आयोजन की परंपराओं का सम्मान करने की अपील कर चुके हैं।