राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर किसानों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर गर्जना रैली निकाली और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। किसानों ने 2022-23 की धान खरीदी का बकाया 1700 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने की मांग की। इसके साथ ही 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने की मांग उठाई। किसानों ने बाढ़ से फसल नुकसान का मुआवजा देने और टोकन व्यवस्था में सुधार की भी मांग की। इसके अलावा गौ संरक्षण सिंचाई परियोजनाओं में तेजी खाद की बढ़ी कीमतों पर रोक और मक्का-गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।किसानों ने कहा कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बलौदाबाजार जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। धनगांव निवासी सुजल गेंड्रे अपने दोस्तों के साथ घर से निकला था लेकिन सोमवार सुबह ग्राम खटियापटी स्थित डबरी में उसका शव मिला। शव मिलन के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने हत्या की आशंका जताई है हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किशोर की मौत हादसे में हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकेगा। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र के लाभांडी स्थित BSUP कॉलोनी में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान पुनेश यादव के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को शव मिलने की सूचना दी और शुरुआती तौर पर हत्या की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही तेलीबांधा पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी FSL और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और उसकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। बताया गया कि घटना से पहले भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था जिसके बाद पत्नी किसी दूसरे घर में सोने चली गई थी। पुलिस के मुताबिक फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और इसे हत्या कहना जल्दबाजी होगी। सेंट्रल जोन DCP ने बताया कि पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की टीम ने रायपुर और दुर्ग में एक साथ कार्रवाई की है। रायपुर के पंडरी इलाके के रवि नगर स्थित सुशील विला में सुबह ED के अधिकारी पहुंचे। टीम घर के अंदर दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर घर के बाहर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। वहीं दुर्ग में ED की टीम ने व्यापारी गुलशन बघेल के ऋषभ ग्रीन सिटी स्थित फ्लैट पर दबिश दी है। जानकारी के मुताबिक उनका फ्लैट सातवीं मंजिल पर है जहां ED की कार्रवाई जारी है। बताया जा रहा है कि गुलशन बघेल बघेल कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय भी करते हैं। सूत्रों के मुताबिक करीब छह अधिकारी दो वाहनों से मौके पर पहुंचे और दस्तावेजों की जांच के साथ पूछताछ कर रहे हैं। फिलहाल दोनों जगहों पर ED की कार्रवाई किस मामले में हो रही है इसे लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अर्नब चक्रवात को लेकर छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवात के असर से किसानों की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। खासकर बस्तर क्षेत्र में इसे लेकर चिंता बढ़ गई है क्योंकि कई इलाकों में फसलें पकने की स्थिति में हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियातन पूरी तैयारियां की हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मंत्री ने कहा कि बस्तर के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है क्योंकि किसानों की फसलें तैयार हैं और मौसम का असर उन पर पड़ सकता है। सरकार की कोशिश है कि संभावित नुकसान को कम से कम किया जा सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव के इंतजाम किए जाएं। बस्तर में भाजपा पदाधिकारियों और सांसदों के लगातार दौरे के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बस्तर पर ध्यान देना सरकार के लिए कोई नया विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही बस्तर को प्राथमिकता दी जा रही है और इसी का परिणाम है कि आज बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नक्सलमुक्ति के बाद बस्तर में विकास की असीम संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। उन्होंने माना कि कई इलाकों में सड़क बिजली पानी राशन और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है। मंत्री के मुताबिक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के जरिए सुविधाएं पहुंचाई जा रही थीं। अब नक्सलमुक्त बस्तर में ‘बस्तर मुन्ने’ योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं को एकीकृत कर लोगों तक लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर पर सरकार का फोकस आगे भी लगातार जारी रहेगा।