जबलपुर : संस्कारधानी के पवित्र ग्वारीघाट स्थित नर्मदा तट पर असामाजिक तत्वों द्वारा खुलेआम जाम छलकाने का एक शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ सिरफिरे लोग मां नर्मदा के पावन तट पर खुलेआम शराब का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना से जहां श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है वहीं आस्था के केंद्र पर सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था की पोल खुल गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए उसे ग्वारीघाट थाना प्रभारी को जांच हेतु भेज दिया गया है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान की जा रही है। एएसपी ने सख्त लहजे में कहा है कि धार्मिक एवं सार्वजनिक घाटों पर मर्यादा तार-तार करने वाली ऐसी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस गश्त व निगरानी बढ़ाई जाएगी। जबलपुर : लॉर्डगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीताल गेट नंबर-1 के पास स्थित एक गणेश पंडाल में लंबे समय से चल रहे जुआ फड़ पर पुलिस ने मंगलवार तड़के बड़ी कार्रवाई की है। तड़के करीब 4 बजे विशेष पुलिस टीम ने पंडाल में दबिश देकर जुआ खेल रहे 7 जुआरियों को रंगे हाथ धर दबोचा। मौके से 1 लाख 20 हजार 200 रुपये नकद और ताश के पत्ते जब्त किए गए हैं।पकड़े गए आरोपियों की पहचान संजय राजपूत राहुल चौबे सत्यम श्रीवास देवेंद्र कुमार सोंधिया आशीष पटेल शिवा यादव और गोविंद सोनी के रूप में हुई है। स्थानीय नागरिकों द्वारा पंडाल में सार्वजनिक रूप से जुआ संचालित होने की लगातार शिकायतें की जा रही थीं। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से जुआरियों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है। लॉर्डगंज पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जबलपुर : ब्लैकमेलिंग के आरोप में जेल भेजी गई युवती पूजा रैदास रोहाणी को लेकर पुलिस जांच में नए और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मूल रूप से बीरसिंहपुर पाली की रहने वाली पूजा एक ऑर्केस्ट्रा में डांसर का काम करती थी। रियल एस्टेट कारोबारी सार्थक सिंह गौतम से उसकी पहली मुलाकात करीब एक साल पहले अक्टूबर 2025 में हुई थी जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत और नजदीकियां बढ़ गई थीं।शिकायतकर्ता सार्थक सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने पूजा को पहले ही अपने शादीशुदा होने और दो बच्चों के पिता होने की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद आरोपी युवती उस पर अपनी पत्नी को तलाक देकर शादी करने या फिर 10 लाख रुपये देने का लगातार दबाव बना रही थी। पीड़ित कारोबारी के अनुसार वह दबाव में आकर अब तक किस्तों में पूजा को करीब 8 लाख रुपये दे चुका था। अंततः ब्लैकमेलिंग से तंग आकर उसने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी युवती को रंगे हाथ दबोच लिया। जबलपुर : मझौली थाना पुलिस ने माँ अन्नपूर्णा वेयरहाउस पिपरिया में हुए करोड़ों रुपये के गेहूं घोटाले में लंबे समय से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी अमन पांडे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए मझौली थाना प्रभारी पूर्वा चौरसिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। उल्लेखनीय है कि वेयरहाउस में गेहूं उपार्जन के दौरान लगभग 1 करोड़ 35 लाख 67 हजार रुपये कीमत के 5168.70 क्विंटल गेहूं की हेराफेरी और धोखाधड़ी की गई थी। कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। घटना के बाद से ही खितौला निवासी आरोपी अमन पांडे फरार चल रहा था जिस पर एसपी द्वारा इनाम घोषित किया गया था। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने उसे उस वक्त धर दबोचा जब वह भागने की फिराक में था। जबलपुर : अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच ने जबलपुर की गोरखपुर अधारताल और रांझी तहसील के साथ-साथ कलेक्ट्रेट परिसर में वकीलों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और दलालों के हस्तक्षेप पर लगाम लगाने की मांग उठाई है। मंच के राष्ट्रीय महामंत्री जय सचदेवा और जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने माननीय कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। अधिवक्ता संघ का कहना है कि न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग होने के बावजूद विभिन्न तहसील परिसरों में वकीलों के बैठने के लिए पर्याप्त सुरक्षित और स्थायी जगह नहीं है। जिससे विधिक कार्य व दस्तावेज संधारण में भारी असुविधा होती है। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रत्येक तहसील परिसर में स्थायी अधिवक्ता कक्ष टेबल-कुर्सियां शुद्ध पेयजल और नियमित साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था की जाए। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर दलालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है ताकि वकीलों व पक्षकारों को सुगम वातावरण मिल सके।