श्रीनगर में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में “आंगन का मिलन” कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनपद के 1853 आंगनबाड़ी केंद्रों में होने वाले कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं बच्चों और ग्रामीण समुदाय को योजनाओं से जोड़ना है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गोद भराई जन्मोत्सव सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी और पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने पर जोर दिया गया। मंत्री ने लाभार्थियों से सीधा संवाद कर समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान के निर्देश दिए। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों महिला समूहों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। खेलकूद सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं और जागरूकता गतिविधियों के साथ उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लंबे समय बाद देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मिले समर्थन को लेकर आभार जताया। हरीश रावत ने कहा कि मुश्किल दौर में भी जिस तरह से लोगों और कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला उसके लिए वह सभी का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने इस दौरान अपने राजनीतिक सफर और कठिन परिस्थितियों का भी जिक्र किया। हरीश रावत ने कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद वह उससे बाहर निकलकर फिर उभरने में सफल रहे। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि करीब चार दशक पहले भी उन्होंने उत्तराखंड की धरती से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उत्तराखंड की सियासत में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा होने को लेकर हलचल तेज हो गई है। साल 2020 में बीजेपी के नरेश बंसल उत्तराखंड से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए थे। अब उनके कार्यकाल के बाद राज्यसभा के अगले उम्मीदवार को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के संख्या बल को देखते हुए कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर चर्चा में हैं। हालांकि अंतिम फैसला बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। पार्टी स्तर पर नाम को लेकर मंथन जारी है और प्रदेश से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। अब नजर इस बात पर है कि पार्टी किसी वरिष्ठ नेता या नए चेहरे को राज्यसभा भेजती है। देहरादून सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्तरीय सतर्कता बैठक लेकर भ्रष्टाचार और लापरवाही से जुड़े मामलों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप गंभीरता और जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी व्यवस्था में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने सतर्कता मामलों में प्रभावी कार्रवाई और शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लेने को कहा। जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सतर्कता कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।