राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 5 सितंबर को अवधपुरी मैदान में 16वें वर्ष का भव्य दही हांडी उत्सव आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ समेत महाराष्ट्र मध्यप्रदेश झारखंड और ओडिशा से गोविंदा टोलियां शामिल होंगी। विजेता दल को 15 लाख रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं बी प्राक लखबीर सिंह लक्खा और गरिमा स्वर्णा दिवाकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगी। पुरुष और महिला दही हांडी के साथ ग्रीस युक्त खंभा दही हांडी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में एनआईए कोर्ट में अब 5 सितंबर को सुनवाई होगी। सुनवाई से पहले मामले को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनआईए की जांच पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच में षड्यंत्रकारियों तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि एफआईआर में नामजद लोगों और मौके पर मौजूद कई लोगों से भी पूछताछ नहीं हुई। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने झीरम में अपने नेताओं को खोया है और बघेल पांच साल मुख्यमंत्री रहे तब उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए थी। सीएम ने कहा कि केवल बयान देने से काम नहीं चलता और अब 5 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजर है। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर जोरदार तरीके से सक्रिय है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। रायपुर में भी दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही जबकि गरियाबंद के रघुनाथनगर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 31 अगस्त को रायगढ़ सारंगढ़-बिलाईगढ़ सक्ती जांजगीर-चांपा बलौदाबाजार और महासमुंद में रेड अलर्ट जारी किया है जहां 204 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश की संभावना है। वहीं कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश में अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है। गरियाबंद में बारिश के बीच नेशनल हाईवे 130-C पर एक बार फिर यातायात प्रभावित हो गया है। जुगाड़ के पास सड़क पर विशालकाय पेड़ गिरने से हाईवे जाम हो गया जिसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। झारियाबहरा से ध्रुवागुड़ी के बीच करीब 40 किलोमीटर का हिस्सा सिंगल-वे होने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है। पेड़ गिरने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई और रास्ता साफ करने का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इस तरह की घटनाएं लगातार होती हैं लेकिन इससे निपटने के लिए हाईवे पर कोई पुख्ता व्यवस्था नजर नहीं आती। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सफलता के बाद नेताओं की सुरक्षा कम किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था तय करने के लिए एक कमेटी होती है। कमेटी समय-समय पर सुरक्षा की समीक्षा करती है और किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा की जितनी आवश्यकता होती है उसी के आधार पर व्यवस्था की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमेटी की सिफारिश के अनुसार ही सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।