कान्हा के बफर जोन में बाघ का आतंक खेत में गए युवक पर हमला मांगों पर सहमति बनने से पटवारियों की हड़ताल स्थगित काम पर लौटेंगे पटवारी भीम आर्मी स्टुडेंट्स फेडरेशन ने परीक्षा परिणाम को लेकर युनिवर्सिटी पर उठाए सवाल कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में बाघों के हमले से ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। एक सप्ताह में बाघ के हमलों में एक महिला की मौत एक युवक के घायल होने और चार ग्रामीणों के बाल-बाल बचने की घटनाएं सामने आई हैं। शुक्रवार सुबह बैहर क्षेत्र के मालखेड़ी गांव में खेत गए 30 वर्षीय राजकुमार परते पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। हमले में राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैहर में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही परसवाड़ा विधायक मधु भगत अस्पताल पहुंचे और घायल का हाल जाना। विधायक ने गांव पहुंचकर बाघ के लगातार बढ़ते हमलों पर नाराजगी जताते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। . मध्यप्रदेश पटवारी संघ के नेतृत्व में जिले भर के पटवारियों द्वारा अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ३ अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही थी। इनमें सरकार द्वारा मांगों को पूर्ण कराने का आश्वासन दिए जाने व तीन मांगों को पूर्ण करने आदेश जारी कर दिया गया है। इससे ७ अगस्त को हड़ताल स्थगित कर दी गई है। इस संबंध में पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष अरुण बिरनवार ने बताया कि पटवारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे थे। लेकिन आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन शासन स्तर पर कुछ मांगों को स्वीकार कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि मुख्य मांग पदोन्नति की है जिस पर सरकार ने कमेटी गठित कर तीन माह में सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि तीन माह में मांग पर अमल नहीं किया गया तो पुन: पूरे प्रदेश भर में पटवारियों द्वारा हड़ताल किया जाएगा। भीम आर्मी स्टुडेंट्स फेडरेशन ने राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा द्वारा घोषित बीए बीकॉम एवं बीएससी तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणाम में काफी विद्यार्थियों के परिणाम में रिकॉर्ड नॉट फाउंड शो करने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम अटक जाने से छात्रों में भारी नाराजगी है। जिससे विद्यार्थियों ने ७ अगस्त को भीम आर्मी स्टुडेंट्स फेडरेशन के नेतृत्व में शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी महाविद्यालय प्रभारी प्रचार्य को परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किए जाने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के नाम ज्ञापन सौपा है। शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर भीम आर्मी द्वारा विद्यार्थियों के साथ सडक़ पर उतरकर आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी गई है। बालाघाट में ऑल प्रगतिशील पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन जिला शाखा बालाघाट और मध्यप्रदेश सेवानिवृत्त शिक्षक संगठन ने सेवानिवृत्त शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती धनश्री जैन और जिला कोषालय अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कई मामले लंबित हैं जिनका निराकरण नहीं होने से सेवानिवृत्त शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। संगठन ने विशेष रूप से अर्जित अवकाश के भुगतान में सामने आ रही विसंगतियों का मुद्दा उठाया। पदाधिकारियों ने अर्जित अवकाश का लंबित भुगतान शीघ्र करने और सभी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। नगर मुख्यालय से सटी समीपस्थ ग्राम पंचायत पनबिहरी में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ पानी पीने के महज 5 मिनट के भीतर दो बैलों की तड़प-तड़पकर दर्दनाक मौत हो गई। इस आकस्मिक हादसे से पीड़ित किसान सचिन पंचेश्वर पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बैलों की अकाल मौत से किसान को लगभग 60 हजार रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। पानी पीते ही दोनों मवेशियों की अचानक हुई मौत का सटीक कारण फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात सिरफिरे व्यक्ति ने मवेशियों को पिलाने वाले धोन (दाने-चोकर के घोल) के पानी की बाल्टी में यूरिया जनपद पंचायत लालबर्रा के सभागार में विकासखंड की सभी 77 ग्राम पंचायतों में संचालित विकास कार्यों एवं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता लालबर्रा-बालाघाट की विधायक अनुभा मुंजारे ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विकासखंड की प्रत्येक ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाना सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना तथा सभी शासकीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। बैठक के दौरान एक ओर जहां जनहित की योजनाओं की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई वहीं दूसरी ओर लापरवाही और अनुशासनहीनता दिखाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रवैया भी अपनाया गया।