भोपाल। मध्यप्रदेश में आंगनवाड़ी और पोषण सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 2019-20 से 2023-24 के बीच ₹20565.32 करोड़ खर्च किए गए। इस दौरान 1 करोड़ 51 लाख 77 हजार 688 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया। लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की विधानसभा में पेश की गई ताजा रिपोर्ट ने इस भारी-भरकम खर्च की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद प्रदेश में आंगनवाड़ी सेवाएं बुनियादी सुविधाओं के अभाव कमजोर निगरानी और वित्तीय अनियमितताओं से जूझती रहीं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। CAG रिपोर्ट के अनुसार ऑडिट अवधि के दौरान मध्यप्रदेश में शिशु मृत्यु दर (IMR) प्रति 1000 जीवित जन्म पर 41 और मातृ मृत्यु दर (MMR) प्रति 1 लाख जीवित जन्म पर 173 दर्ज की गई जो राष्ट्रीय औसत से अधिक रही और प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है।