मसूरी में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और प्रशासन ने उनके किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन की टीम लगातार निगरानी कर रही है। कई स्थानों पर भूस्खलन की सूचना है जबकि मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास सड़क का एक हिस्सा धंसने लगा है। सड़कों पर मलबा आने से मार्ग बाधित रहा जिसे जेसीबी की मदद से साफ किया जा रहा है। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के चलते कक्षा 1 से 10 तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। लगातार बारिश से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। कावड़ यात्रा 2026 की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होने जा रही है जिसको लेकर सभी श्रद्धालुओं के साथ साथ सरकार भी उत्साहित ओर कावड़ यात्रा को सफल बनाने के लिए तैयारियां कर रही है । इसको लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कावड़ कावड़ यात्रा बहुत बड़ी आस्था और श्रद्धा की यात्रा होती है जहां भक्त कावड़िये यहां से जल लेकर अपने अपने गंतव्यों को जाते हैं और भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं । हमें इंतजार भी रहता है कि दूर दूर से कांवड़िए आयेंगे तो हम उनका स्वागत करेंगे जिसके लिए हमने तैयारियां की हैं । सीएम ने कहा कि दो दिन बाद बड़ी बैठक हरिद्वार में हम करने वाले हैं जिसमें कावड़ियों की यात्रा सुरक्षित ओर व्यवस्थित हो उसको लेकर चर्चा होगी उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। विपक्ष ने सरकार पर धर्म विशेष को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार कानून और व्यवस्था के तहत काम कर रही है लेकिन कांग्रेस हर मुद्दे पर विरोध करने की राजनीति करती है। सीएम धामी ने कहा कि लाउडस्पीकर का उपयोग दूसरों को परेशान करने के लिए नहीं होना चाहिए बल्कि यह व्यक्तिगत आस्था का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है और विकास के कार्यों का भी विरोध किया है। बद्रीनाथ धाम के चंदा चढ़ावा मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि मंदिर समिति में हुए कथित घोटाले में कहीं न कहीं मंदिर समिति की भी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपी ने पूछताछ के दौरान यह दावा किया है कि उसने यह कृत्य बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष के पीएस नौटियाल के निर्देश पर किया था। ऐसे में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। गोदियाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा अब तक अध्यक्ष को पद से नहीं हटाया जाना कई सवाल खड़े करता है और इससे सरकार की मंशा भी संदेह के घेरे में आती है। उत्तराखंड में सेना से बाहर आने वाले अग्निवीरों को रोजगार से जोड़ने के लिए जल्द ही अग्निवीर रोजगार सेल (एआरसी) का गठन किया जाएगा। उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल (रिटायर्ड) अजय कोठियाल ने बताया कि एआरसी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही शासनादेश जारी होगा। उन्होंने कहा कि यह सेल अग्निवीरों को स्किल्ड बनाने उनकी रुचि और अनुभव के अनुसार रोजगार के अवसर तलाशने तथा आवश्यक कैप्सूल कोर्स कराने का काम करेगी। एआरसी केंद्र राज्य और कॉरपोरेट सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं पर कार्य करेगा। कर्नल कोठियाल ने बताया कि अग्निवीरों के लिए 50 से अधिक क्षेत्रों की सूची तैयार की गई है और यह सेल मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में कार्य करेगा। लगातार हो रही बारिश के कारण मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग का दरारों वाला हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। सड़क का बड़ा भाग भूस्खलन की चपेट में आने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र यातायात पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। पहले इस मार्ग से चारपहिया वाहनों को रुक-रुक कर निकाला जा रहा था लेकिन सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ने के कारण अब केवल दोपहिया वाहनों को भी सीमित रूप से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। देहरादून से मसूरी की ओर आने वाले वाहनों को कुठाल गेट के पास ही रोका जा रहा है। मुख्य मार्ग बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। प्रशासन सड़क की मरम्मत और सुरक्षा कार्य में जुटा है तथा लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।