छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस द्वारा साय सरकार के खिलाफ लाया गया 136 बिंदुओं का अविश्वास प्रस्ताव करीब 15 घंटे चली चर्चा के बाद ध्वनिमत से खारिज हो गया। इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को किसानों महिलाओं युवाओं और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर घेरा। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव राजनीतिक मजबूरी था और इस बहस से सरकार को अपने ढाई साल के कामकाज तथा कांग्रेस की विफलताओं को जनता के सामने रखने का अवसर मिला। छत्तीसगढ़ के लाल आतंक से मुक्त होने के दावे के बीच अब इसका श्रेय लेने को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान सुरक्षा अभियान नए कैंप और विकास योजनाओं के चलते नक्सलवाद कमजोर हुआ और कई गांव नक्सल प्रभाव से मुक्त हुए। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दावा किया कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई भाजपा सरकारों ने लड़ी है। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित अभियान से प्रदेश लाल आतंक से मुक्त होने की स्थिति में पहुंचा है और इसका श्रेय भाजपा सरकारों की नीतियों व सुरक्षा बलों की कार्रवाई को जाता है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दावा किया कि प्रदेश की जनता अगले 25 वर्षों तक कांग्रेस को सत्ता में नहीं लाएगी। इसके जवाब में भूपेश बघेल ने कहा कि यदि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव हुए तो भाजपा की स्थिति ऐसी होगी कि उसके विधायक एक इनोवा में बैठकर जाएंगे। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर (मदनी चौक) में एक ही परिवार के पांच लोगों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान साजिद अली (50) उनकी पत्नी राबिया तथा तीन बच्चों इरशाद अली शाहिदा बेगम और इरशाबा परवीन के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है हालांकि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही होगी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। राजधानी रायपुर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतों को लेकर शहर जिला कांग्रेस ने विरोध तेज कर दिया है। शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में कांग्रेस ने आम उपभोक्ताओं से आवेदन पत्र भरवाने के लिए घर-घर अभियान शुरू किया है। कांग्रेस का कहना है कि सभी आवेदन एकत्र कर विद्युत वितरण कंपनी को सौंपे जाएंगे और उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी। इसी कड़ी में लाखे नगर स्थित बिजली विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद आम लोगों पर बिजली बिल का बोझ बढ़ गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक बिजली बिलों में राहत और विवादित स्मार्ट मीटरों की समस्या का समाधान नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।