परमिट नहीं मिलने से स्कूल वैन चालकों में आक्रोश वाहन बंद कर किया विरोध छत से गिरकर घायल महिला की सवा माह बाद उपचार दौरान मौत 12 वर्ष बाद शुरु होगा रेंजर कॉलेज 31 जुलाई से प्रारंभ होगी प्रथम बैच शहर के स्कूल वेन चालकों ने परमिट को लेकर १३ जुलाई सोमवार को वाहन बंद कर हड़ताल कर दी। यातायात पुलिस द्वारा की जा रही चालानी व जुर्माना कार्यवाही से आक्रोशित चालकों ने वाहन बंद कर यातायात थाना पहुंचकर विरोध जताया। वेन चालकों ने आरटीओ कार्यालय से परमिट दिलाने की गुहार लगाई है। विरोध कर रहे वेन चालकों का कहना है कि आरटीओ कार्यालय द्वारा करीब १० वर्ष से परमिट नहीं दिया जा रहा है। हमारे द्वारा परमिट के लिए आरटीओ कार्यालय में कई बार चक्कर लगाया है लेकिन परमिट नहीं मिल रहा है। परमिट नहीं होने पर पुलिस द्वारा कार्यवाही की जा रही है। जिससे वाहन चालक परेशान है। उन्होंने कहा कि हम आज परमिट लेने को तैयार है हमें परमिट दिलाया जाए। स्कूल वेन बंद होने से बच्चों को स्कूल छोडऩे व लेने जाने अभिभावकों को परेशान होना पड़ा। कटंगी थाना अंतर्गत ग्राम सिरपुर में बारिश व तेज आंधी के चलते छत पर सूख रहे कपड़ा निकालने गई महिला की छत से गिरकर घायल होने पर उपचार दौरान सवा माह बाद जिला अस्पताल में मौत हो गई। डॉक्टर द्वारा मृतिका की तहरीर अस्पताल पुलिस चौकी को दी गई। जिससे पुलिस द्वारा मृतक के शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने शून्य पर मर्ग कायम कर डायरी जांच के लिए संबंधित थाना को भेजी जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका निर्मला पति दुर्गाप्रसाद नेताम सिरपुर के निवासी थे जो 30 मई को अचानक बारिश व आंधी आने से घर के छत पर सूख रहे कपड़ा निकालने गई थी। जो नियंत्रित होकर छत से नीचे गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जिसे परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टर ने जिला अस्पताल में ही भर्ती कराने सलाह दी थी । जिससे परिजन मृतिका को 3-4 दिन पूर्व ही जिला अस्पताल में भर्ती किए थे। महिला ने 13 जुलाई की सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया। नगर मुख्यालय से लगे ग्राम कोसमी के वार्ड क्रमांक 13 में सोमवार तड़के एक घर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से घर में रखा पैरा अनाज और अन्य घरेलू सामग्री जलकर राख हो गई। पीड़ित परिवार ने इस घटना में अपने ही मोहल्ले के एक व्यक्ति पर जानबूझकर आग लगाने का गंभीर आरोप लगाया है तथा पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम कोसमी निवासी तेजलाल नगपुरे के घर में 13 जुलाई की सुबह करीब 3:30 बजे अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख परिवार के सदस्य जाग गए और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 और फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल वाहन मौके पर पहुंचे तथा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मध्यप्रदेश में छात्र अधिकारों और आदिवासी व पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के हितों के लिए संघर्ष करने वाले प्रमुख छात्र संगठनगोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन लालबर्रा (GSU) ने 13 जुलाई सोमवार दोपहर 1 बजें प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और छात्र नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को यूनियन ने महामहिम राज्यपाल मंगुभाई पटेल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित उच्च शिक्षा व जनजाति कार्य विभाग के नाम लालबर्रा तहसीलदार भूपेंद्र अहिरवार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ी इन गंभीर मांगों पर तत्काल ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। जिले के लिए बड़ी राहत और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में बहुप्रतीक्षित रेंजर कॉलेज अब बालाघाट में ही संचालित होगा। कॉलेज के प्रस्तावित स्थानांतरण पर रोक लगने के बाद सांसद भारती पारधी ने सोमवार को रेंजर कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। वर्ष 2014 के बाद प्रारंभ होने जा रहे नए बैच के प्रशिक्षण की तैयारियों का जायजा लिया। सीसीएफ गौरव चौधरी ने बताया कि 31 जुलाई से नई बैच प्रारंभ होगी। 18 माह का प्रशिक्षण होगा। इसके बाद उन्हें दूसरी बैच मिलेगी। यह रेंजर कॉलेज वर्ष 2014 से बंद था। सांसद के प्रयासों से इसे पुन: प्रारंभ कराया जा रहा है। सांसद भारती पारधी ने बताया कि सोमवार को वर्ष 2014 से बंद रेंजर कॉलेज का निरीक्षण किया। यहां उपलब्ध संसाधनों का जायजा लिया गया। ताकि जो भी कमियां हैं उसे दूर किया जा सकें। जिले के बिरसा क्षेत्र में वन विभाग की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है जहां एक किसान तीन महीने से ट्रांजिट पास (टीपी) के इंतजार में है। खेत में कटे पड़े हजारों बांस बारिश के कारण खराब होने लगे हैं जिससे किसान को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। सोमवार को किसानों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया। बिरसा विकासखंड के ग्राम एक्को निवासी किसान मदन सिंह ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पिछले तीन महीने से बांस के परिवहन की अनुमति (ट्रांजिट पास) के लिए भटक रहे हैं लेकिन अब तक उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी है। जबकि खेत में 5329 नग बांस कटकर पड़े हैं जिनमें विभिन्न लंबाई के बांस शामिल हैं। किसान के समर्थन में पहुंचे ग्रामीण डमरू सिंह धुर्वे और कैलाश नकपुरे ने भी वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। डीएफओ रेशम सिंह धुर्वे ने कहा कि आवेदन हाल ही में उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।