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09-Jul-2026

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित 500 करोड़ रुपये के शराब कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटालों की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने करीब तीन साल बाद रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कार्यालय में सरेंडर कर दिया।सरेंडर के बाद ईओडब्ल्यू ने उन्हें हिरासत में लेकर विशेष अदालत में पेश किया जहां से अदालत ने 17 जुलाई तक ईओडब्ल्यू रिमांड पर भेज दिया।ईओडब्ल्यू के अनुसार रामगोपाल अग्रवाल से कथित वित्तीय लेन-देन जब्त दस्तावेजों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी रिमांड के दौरान पूरे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल करेगी। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद 17 जुलाई को उन्हें दोबारा विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरंग विधानसभा के नगर पंचायत समोदा में 128 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान के तहत पौधारोपण किया तथा सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की। साथ ही जवाहर उत्कर्ष योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान भी किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात पर बधाई देते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की सराहना की। उन्होंने उनकी मांगों पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समोदा में अहाता निर्माण नगर पंचायत समोदा पंचायत भवन में प्रथम तल निर्माण ग्राम तुलसी हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन तथा ग्राम पंचायत रीवा में 4 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम निर्माण की घोषणा की। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटालों की जांच में नया घटनाक्रम सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने करीब तीन साल बाद रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कार्यालय में सरेंडर किया। इसके बाद विशेष अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक ईओडब्ल्यू रिमांड पर भेज दिया। मामले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अपराध करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि देर-सबेर हर आरोपी को कानून का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष रूप से काम कर रही हैं और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।वहीं पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि ढाई साल की जांच के बाद भी सरकार कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं ला सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को निशाना बनाने के लिए कर रही है। बैज ने कहा कि कांग्रेस इस कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी। पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की इस महान लोक कलाकार के निधन पर राजकीय शोक घोषित नहीं किया जाना बेहद दुखद है। दीपक बैज ने कहा कि तीजन बाई छत्तीसगढ़ की शान और पहचान थीं। उन्हें पद्मश्री पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया था। ऐसे गौरवशाली व्यक्तित्व के निधन पर राज्य सरकार को राजकीय शोक घोषित कर उन्हें उचित सम्मान देना चाहिए था। गरियाबंद जिले में आधार कार्ड से कथित छेड़छाड़ कर ढाई एकड़ जमीन की फर्जी बिक्री का मामला सामने आया है। मामला अमलीपदर तहसील के बजाड़ी गांव का है जहां नामांतरण की प्रक्रिया के दौरान सरपंच की सतर्कता से कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार बजाड़ी निवासी हरिसिंह नागेश के नाम से उरमाल निवासी शांतिलाल जैन को करीब एक साल पहले ढाई एकड़ जमीन बेची गई थी। लेकिन नामांतरण के लिए गांव में इश्तहार पहुंचने पर सरपंच को विक्रेता के नाम और पते पर संदेह हुआ जिसके बाद नामांतरण की प्रक्रिया रोक दी गई। जांच में सामने आया कि जिस जमीन की बिक्री की गई वह करीब 50 साल से कैठपदर निवासी हरिसिंह के नाम दर्ज है। आरोप है कि रजिस्ट्री के दौरान भंवर सिंह ने पड़ोसी के आधार कार्ड से कथित छेड़छाड़ कर खुद को जमीन मालिक बताकर दस्तावेज तैयार कराए। इतना ही नहीं उसने रिकॉर्ड में अपनी पत्नी के पिता का नाम भी बदलवा दिया। मामले की जांच प्रभारी रजिस्ट्रार देवभोग ने शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कथित जालसाजी के कई साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। अब इस मामले में पटवारी दस्तावेज लेखक और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं आरोपी भंवर सिंह खुद को संबंधित व्यक्ति का उर्फ नाम बताकर दावा कर रहा है जबकि जांच में सामने आए तथ्य उसके दावे से मेल नहीं खाते।