एमपी में इसी महीने आएगा यूनिफॉर्म सिविल कोड सीएम बोले- सभी के लिए एक ही कानून होगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- एमपी में इसी महीने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) आएगा। हिंदू भाई एक शादी करता है और सात फेरे लेता है तो सभी के लिए ऐसा ही कानून होना चाहिए। कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है। वह फिर दावा करेगी कि यह कानून किसी धर्म विशेष के खिलाफ है।कांग्रेसियों को याद रखना चाहिए कि एक समान नागरिक संहिता हर हाल में लागू की जाएगी। इसके लिए प्रदेश की जनता से राय ली गई है। 10 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं। हम चाहते तो सीधे विधानसभा में कानून ला सकते थे लेकिन जनता की राय के आधार पर फैसला कर रहे हैं।मुख्यमंत्री यादव ने यह बात सोमवार को भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमिपूजन करने के बाद कही। राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच वर्षीय कार्यकाल आज पूरा मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच वर्षीय कार्यकाल मंगलवार को पूरा हो रहा है। हालांकि राष्ट्रपति भवन की ओर से अब तक उनके कार्यकाल के विस्तार या नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में नए राज्यपाल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।इधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं और उनके रात में वहीं रुकने का कार्यक्रम है। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मध्य प्रदेश के राज्यपाल की नियुक्ति सहित अन्य राजनीतिक विषयों पर चर्चा कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नॉमिनेशन खारिज होने में कांग्रेसी नेताओं का दोष नहीं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन खारिज होने के मामले में पहली बार खुलकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नामांकन निरस्त होने के लिए कांग्रेस के किसी नेता या फॉर्म भरने वालों की कोई गलती नहीं थी। चुनाव आयोग को बचाने के लिए सुनियोजित तरीके से यह थ्योरी गढ़ी गई कि पार्टी की लापरवाही से नामांकन खारिज हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तय समय सीमा के भीतर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करेगी और पूरे मामले को कानूनी रूप से चुनौती देगी। मूंग खरीदी की मांग पर किसानों ने हाईवे जाम किया केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर के भैरुंदा में मूंग फसल की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को किसानों ने ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन किया। डेरा डालो-घेरा डालो आंदोलन के तहत 500 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में हजारों किसानो सड़को पर उतर आये। इसके बाद हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। इससे इंदौर-भोपाल मार्गों पर घंटों यातायात प्रभावित रहा।आंदोलन उस समय और तेज हो गया जब किसानों का ज्ञापन लेने के लिए जिला कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इससे नाराज किसानों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया और इंदौर-भोपाल हाईवे को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों का ज्ञापन केवल जिला कलेक्टर को ही सौंपेंगे। उन्होंने प्रशासन के अन्य अधिकारियों को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। नौकरी दूसरों की समस्या सुलझाने वाली कर ली दमोह देहात थाना क्षेत्र की जबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल का एक वीडियो सोमवार दोपहर सामने आया है। इस वीडियो में वह पुलिस की वर्दी पहने हुए दिखाई दे रही हैं जिस पर एक संदेश लिखा है। अधिकारियों ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।वीडियो में चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल वर्दी में एक कुर्सी पर बैठी नजर आ रही हैं। वीडियो में ऊपर लिखा है खुद की समस्याएं सुलझ नहीं रही और नौकरी दूसरों की समस्या सुलझाने वाली कर लिए। यह रील कब बनाई गई थी इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। डिंडौरी में बाढ़ जैसे हालात कई गांवों से संपर्क टूटा मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़ने लगे हैं। बालाघाट में महाराष्ट्र सीमा से लगी बाघ नदी उफान पर आने से पुल निर्माण में लगी कार जेसीबी और लोडर तेज बहाव में बह गए।वहीं डिंडौरी में नर्मदा और सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से 11 घरों में पानी घुस गया। करंजिया ब्लॉक के कई गांवों का संपर्क टूट गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 23 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।