नवा रायपुर स्थित आईआईएम में दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्य और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हो रहे हैं।शिविर में विकसित छत्तीसगढ़ के विजन सुशासन नीति निर्माण नवाचार तकनीक आधारित प्रशासन विभागीय समन्वय और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न विषयों पर मंथन किया जाएगा। साथ ही भविष्य की विकास रणनीति और परिणामोन्मुखी शासन व्यवस्था को लेकर भी चर्चा होगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि चिंतन शिविर शासन-प्रशासन को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान बेहतर निर्णय लेने में सहायक होगा और इससे प्रदेश में सुशासन तथा विकास को नई गति मिलेगी। तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनांचल के ग्रामीणों के लिए शुरू की गई चरण पादुका योजना एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। वर्ष 2026-27 के लिए करीब 12.5 लाख जोड़ी जूतों की खरीदी के टेंडर में सेफ्टी शू की शर्त शामिल किए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं जबकि भाजपा ने आरोपों को निराधार बताया है।यह योजना वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार ने शुरू की थी। वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद इसे बंद कर हितग्राहियों के खातों में सीधे राशि देने की व्यवस्था लागू की गई। सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2025 में इस योजना को फिर से शुरू किया।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सरकार सेफ्टी शू की शर्त के जरिए किसी विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था अधिक पारदर्शी थी।वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासियों के हित की योजना बंद कर दी थी जबकि भाजपा सरकार ने इसे दोबारा शुरू कर लाभार्थियों तक पहुंचाने का काम किया है। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसने योजना बंद की उसे अब इस पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा के दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने तंज कसते हुए कहा कि ढाई साल तक सरकार चलाने के बाद अब भाजपा अपने मंत्रियों को शासन चलाने का प्रशिक्षण दे रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश की जनता को निराश किया है। उनके मुताबिक सरकार न तो शिक्षकों की भर्ती कर सकी न युवाओं को रोजगार दे पाई और न ही किसानों व महिलाओं से किए गए वादे पूरे किए। कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा नेताओं और उनके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अवैध गतिविधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोग अवैध खनन भू-माफिया राशन माफिया और ठेकेदारी जैसे कार्यों में संलिप्त हैं।विकास उपाध्याय ने कहा कि जब इन मामलों में अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित लोग अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में अधिकारियों के साथ मारपीट तक की घटनाएं होती हैं लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती क्योंकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है।