भरत तिवारी एनकाउंटर पर अनिरुद्धाचार्य बोले-सरकार को जनता पापी कहेगी 17 जून को भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पुलिस के रवैये पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी भरत एनकाउंटर पर बिहार सरकार को घेरा है।उन्होंने कहा है कि जनता की हत्या करना किसी भी राजा के लिए पाप है। इस हाल में जनता आपको पापी राजा कहेगी। भरत ने किसी की हत्या नहीं की थी अगर की होती तो एनकाउंटर कीजिए। नेताओं को समझना चाहिए कि वे जनता से वोट लेते हैं। अगर वोट लेने के बाद उसी जनता को दबाना और मारना शुरू कर देंगे तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। सरकार ये ठीक नहीं कर रही। दावा- राहुल की स्कूबा डाइविंग पर 26 करोड़ खर्च कांग्रेस और भाजपा के बीच ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर चल रही राजनीतिक जंग अब राहुल गांधी की स्कूबा डाइविंग तक पहुंच गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया कि राहुल गांधी की अंडमान में की गई स्कूबा डाइविंग पर 26 करोड़ खर्च किए गए थे।इस बयान के बाद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोमवार को रिजिजू पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अब “मानहानि मंत्री” की भूमिका अपना ली है। ओडिशा के जंगल में हथियार जखीरा बरामद ओडिशा पुलिस ने कोरापुट जिले के जंगलों में छिपाकर रखे गए माओवादियों के हथियार और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली सूचना के आधार पर की गई।कोरापुट के पुलिस अधीक्षक (SP) रोहित वर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान आत्मसमर्पित माओवादियों ने बैपारिगुड़ा थाना क्षेत्र के बदलीपहाड़ जंगल में छिपाए गए एक गुप्त ठिकाने की जानकारी दी थी। वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम में सिलेक्शन हो गया है। उन्हें सीनियर टीम में 3 नंबर की जर्सी मिली है।भारत का यह दौरा 26 जून से शुरू हो रहा है जिसके लिए BCCI ने सोशल मीडिया पर वैभव का एक वीडियो शेयर किया है। टीम इंडिया का पहला बैच आज आयरलैंड के लिए रवाना हो गया। ईरान बोला- होर्मुज अब पहले जैसा नहीं रहेगा ईरान के संसद अध्यक्ष और अमेरिका-ईरान बातचीत में अहम वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट अब युद्ध से पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा। उन्होंने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग की देखरेख आगे ईरान अपने तरीके से करेगा हालांकि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन जारी रहेगा।