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अंतर्राष्ट्रीय
16-Jun-2026

सरदार पटेल पैरामेडिकल कॉलेज फिर विवादों में तीन साल से छात्रों को नहीं मिली छात्रवृत्ति राजा भोज पर टिप्पणी से पवार समाज में आक्रोश देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी पीएम-जनमन योजना में अटके बैगा परिवारों के आवास बरसात से बढ़ी चिंता जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए डोंगरिया स्थित सरदार पटेल स्कूल ऑफ पैरामेडिकल के सैकड़ों छात्र मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे। विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2023-24 की लंबित छात्रवृत्ति जल्द जारी करने की मांग की। छात्रों का आरोप है कि तीन साल बीत जाने के बावजूद उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली है और वे लगातार कॉलेज प्रबंधन व संबंधित विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि हर बार प्रक्रिया जारी होने का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। विद्यार्थियों के अनुसार ओबीसी छात्रवृत्ति पोर्टल समय पर नहीं खुलने से आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हुई जिसका खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है। छात्रों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है। गर्रा रेलवे ओवर ब्रिज के नामकरण को लेकर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे की टिप्पणी पर पवार समाज ने कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में पवार समाज के जिला अध्यक्ष विशाल बिसेन ने कहा कि नगरीय प्रशासन द्वारा प्रस्ताव क्रमांक-6 के तहत गर्रा रेलवे ओवर ब्रिज का नाम राजा भोज के नाम पर रखा गया है। इसके बावजूद पूर्व सांसद की टिप्पणी समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है। उन्होंने कहा कि राजा भोज पवार समाज के आराध्य हैं और उनके सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। समाज ने 18 जून को देशभर में ज्ञापन सौंपकर पूर्व सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने तथा व्यापक आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। शहर के देवटोला में पिछले करीब 20 वर्षों से संचालित नि:शुल्क गुरुकुल स्कूल अब अपने नए पक्के भवन की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भवन निर्माण का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों व्यापारियों सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भाग लिया। बरगद के पेड़ के नीचे शुरू हुआ यह शिक्षा अभियान आज हजारों बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहा है। पूर्व नपा अध्यक्ष रमेश रंगलानी ने गुरुकुल को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए इसके निर्माण में सहयोग को सौभाग्य बताया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक वैभव कश्यप ने कहा कि गुरुकुल परिसर में उन्हें मंदिर जैसा सुकून मिलता है। उन्होंने अशोक बोहने और पायल लिल्हारे के समर्पण को अनुकरणीय बताते हुए सराहना की। वर्षो से लंबित प्रमुख मांगें पूरी ना होने से आक्रोशित एनएसयूआई के बैनर तले कॉलेज छात्रों ने १६ जून को पीजी महाविद्यालय का मुख्य गेट बंद कर जमकर विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। कॉलेज की समस्या सहित छात्र हित में १५ सूत्रीय मांगों को लेकर कॉलेज प्रबंधन व कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि शीघ्र मांगों पर अमल नहीं किया गया तो युनिवर्सिटी व कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। इस दौरान प्रमुख रूप से छात्र नेता ऋषभ सहारे शुभम बंसोड़ शुमेद बंसोड़ शुधांशु लिल्हारे रोहित मोहारे हर्ष डहरवाल प्रफुल मोहारे सहित एनएसयूआई के अन्य पदाधिकारी व कॉलेज छात्र उपस्थित रहे। वारासिवनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अगासी निवासी 22 वर्षीय युवक की बाईक अनियंत्रित होकर डिवाईडर से टकरा जाने से गंभीर चोट आने पर मौत हो गई। मामला संबंध में रवि पटले ने बताया कि मृतक भरतलाल पिता केशोराव नेवारे जो मंगलवार की सुबह करीब ७ बजे बाईक से अपने परिजनों को लेने रामपायली जा रहा था। तभी खडक़पुर से करीब ३ किलोमीटर दूर जंगल में अचानक सुअर सामने आ जाने से उसे बचाने के चक्कर में बाईक अनियंत्रित होकर डिवाईडर में लगे लोहे के पोल से टकरा गई। जिसे उपचार के लिए वारासिवनी अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार कर बेहतर ईलाज के लिए रिफर कर दिया गया। घायल को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने जांच कर मृत होना बताया। जिसकी तहरीर अस्पताल पुलिस चौकी को मिलने पर पुलिस ने शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। जिले की ग्राम पंचायत लामता के खैरा गांव में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत स्वीकृत आवास अधूरे पड़े हैं। गांव के 22 बैगा आदिवासी परिवार पक्के मकान की आस में अपने पुराने कच्चे घर तोड़ चुके हैं लेकिन समय पर किस्तें नहीं मिलने से निर्माण कार्य रुक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली और दूसरी किस्त की राशि निर्माण सामग्री और मजदूरी की बढ़ी लागत में खर्च हो गई। कई हितग्राहियों को दूसरी तो कुछ को तीसरी किस्त का इंतजार है। बरसात का मौसम शुरू होने से परिवारों के सामने रहने और सुरक्षा का संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द शेष राशि जारी कर आवास निर्माण पूरा कराने की मांग की है।