भरवेली पंचायत में तख्तापलट के आसार 21 में से 19 पंचों ने सरपंच के खिलाफ जताया अविश्वास गांव में घुसा तेंदुआ शिक्षक पर हमला 5 घंटे की मशक्कत के बाद जंगल में खदेड़ा त्योहारों को लेकर प्रशासन सतर्क अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई जिले की ग्राम पंचायत भरवेली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पंचायत के 21 में से 19 पंचों ने सरपंच गीता अनिल बिसेन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। सोमवार देर शाम पंचों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रस्ताव सौंपते हुए जल्द चुनाव कराने और सरपंच को पद से हटाने की मांग की। प्रस्ताव पर उपसरपंच सहित अधिकांश पंचों के हस्ताक्षर हैं। उपसरपंच राजेश बाहेश्वर और वार्ड क्रमांक 16 की पंच प्रीति श्रीवास ने आरोप लगाया कि पंचायत में लगातार अनियमितताएं हो रही हैं। इसको लेकर कई बार ज्ञापन आवेदन और धरना-प्रदर्शन भी किया गया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अब पंचों ने सामूहिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव लाकर सरपंच के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिले के बिरसा क्षेत्र के जत्ताटोला गांव में उस समय दहशत फैल गई जब एक तेंदुआ गांव में घुस आया और एक शिक्षक पर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक तेंदुआ गांव के एक खेत में छिपा हुआ था। खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठियां लेकर मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान तेंदुए को भगाने पहुंचे शिक्षक सौरभ शर्मा पर उसने अचानक हमला कर दिया जिससे उनके हाथ और शरीर पर नाखूनों से चोटें आईं। घायल शिक्षक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिक्षेत्र अधिकारी सौरभ शरणागत के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर मोर्चा संभाला। करीब 5 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान में पटाखों और वाहनों के शोर की मदद से तेंदुए को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। जिले में आगामी त्योहारों और आयोजनों को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पुलिस कंट्रोल रूम में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई जिसमें नागरिकों से आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। बैठक में अंजुमन इस्लामिया के सदर फारूक शेख शहर काजी मौलाना हबीब नूरी सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने पर सहमति जताई। इस दौरान एसडीएम गोपाल सोनी सीएसपी मयंक तिवारी कोतवाली थाना प्रभारी और भरवेली थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर साइबर सेल द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। महुआ तालाब खुदाई में गड़बड़ी के आरोप ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग जिले की ग्राम पंचायत पांढरवानी के महुआ तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। जनसुनवाई में पहुंचे गणेश मात्रे सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तालाब की खुदाई के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी उत्खनन और खनिज चोरी की जा रही है। तालाब से निकाली गई मिट्टी को नियमों के विरुद्ध निजी प्लॉटों में डाला जा रहा है जिससे शासन को रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब आठ फीट गहरी खुदाई कर दी गई जिससे तालाब की मूल संरचना प्रभावित हुई और जलस्तर भी बिगड़ गया। मामले में प्रशासन से तत्काल जांच की मांग की गई है। कोतवाली थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मृत मिली अज्ञात युवती की पहचान लक्ष्मी श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे भटेरा चौकी से बैहर रोड स्थित रेलवे ट्रैक पर खंभा नंबर 19-20 के बीच युवती ट्रेन की चपेट में आ गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मंगलवार को शिनाख्त होने के बाद कोतवाली पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कर शव सौंप दिया। मृतिका के भाई रविशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था और दोनों भाई-बहन साथ रहते थे। लक्ष्मी ग्रेजुएशन पूरी कर नौकरी की तैयारी कर रही थी। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुटी है। वार्ड नंबर ४ देव नगर के रहवासियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन कॉलोनाइजर पर झूठ बोलकर प्लाट विक्रय कर सुविधाएं नहीं दिए जाने का लगाया आरोप बालाघाट. वार्ड नंबर 4 देव नगर स्थित पद्मावती कॉलोनी के रहवासियों ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर कॉलोनाइजर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। रहवासियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कॉलोनी में बिजली पानी सड़क नाली और गार्डन जैसी मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कॉलोनाइजर मणि पति राकेश जैन ने 10-12 वर्ष पहले सुविधाएं देने का वादा कर प्लॉट बेचे थे लेकिन आज तक कोई व्यवस्था नहीं की गई। रहवासियों के अनुसार वर्ष 2009-10 से लोग यहां मकान बनाकर रह रहे हैं बावजूद इसके कॉलोनी बदहाल स्थिति में है। आरोप है कि बिना आवश्यक कॉलोनाइजर प्रावधानों और सुविधाओं के लेआउट तैयार कर प्लॉट विक्रय किए गए। मामले में प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की गई है।