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19-May-2026

उत्तराखंड के प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में गश्त के दौरान वनकर्मियों को एक नर बाघ मृत अवस्था में मिलाबाघ का शव धारा बीच क्षेत्र में धारा सोक के किनारे पड़ा मिलाजिसके बाद वनकर्मियों में हड़कंप मच गया वनकर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जिसके बाद कॉर्बेट पार्क के डायरेक्टर डॉ साकेत बडोला के निर्देश में विभागीय टीम मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ के शव का निरीक्षण किया गया और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुसार आगे की कार्रवाई की गई। कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे रामनगर वन प्रभाग क़ी मोहान रेंज मे अचानक गुलदार का आतंक बढ़ गया है। अंधेरा होते ही गुलदार घर की रखवाली कर रहे पालतू कुत्ते को घर के आँगन से उठा कर ले गया। मामला रामनगर के मोहान गॉव का है।कल रात 8:30 बजे के बाद ज़ब रात होने पर एक सफ़ेद रंग का पालतू कुत्ता घर के आँगन मे घूमकर घर क़ी रखवाली कर रहा था तभी अचानक एक लेपर्ड ने चौकीदार कुत्ते पर हमला कर दिया और कुत्ते को उठाकर जंगल मे ले गया। यह पूरी घटना CCTV मे कैद हो गयी। इस घटना से पूरे इलाके मे दहशत का माहौल बन गया है। इस इलाके मे कई रिसोर्ट भी बने है जिनमे देश -विदेश से पर्यटक आकर रुकते है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने क़ी मांग क़ी है। उत्तराखंड में इस सप्ताह गर्मी लोगों को जमकर परेशान कर सकती है। मौसम विज्ञान center के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में करीब 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। खासतौर पर मैदानी इलाकों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिलेगा। हालांकि पहाड़ी जिलों — उत्तरकाशी चमोली टिहरी बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 20 तारीख के बाद अगले दो से तीन दिनों तक हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं जिससे वहां मौसम में थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं बढ़ती गर्मी के चलते जंगलों में आग लगने की घटनाओं को लेकर भी यह सप्ताह काफी संवेदनशील माना जा रहा है। प्रशासन और वन विभाग को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का सुबह लगभग 11 बजे निजी अस्पताल में निधन हो गया l उनके निधन की जानकारी उनकी बेटी और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने दी उनके निधन से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश भर में शोक की लहर है वहीं राजधानी देहरादून के बसंत विहार आवास में नेताओं और उनके परिचितों का आना भी शुरू हो गया l आज सभी उनके कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से बीमार थे जो आज सुबह 11 बजे उनका स्वर्गवास हो गया उन्होंने कहा कि पिता से बहुत कुछ सीखने को मिला है। उत्तराखंड की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद रहा। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ने आज सुबह अस्पताल में अंतिम सांसें लीं। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके जाने से पूरे प्रदेश में शोक की एक अलग ही लहर है एसा शोक जो किसी नेता के लिए नहीं बल्कि एक फौजी अफसर जैसे साफ किरदार के इंसान के लिए होता है।फौज की वर्दी से विधानसभा तक भुवन चंद्र खंडूरी का जन्म 1 अक्टूबर 1934 को देहरादून में हुआ था। जिस शहर में उन्होंने आंखें खोलीं उसी शहर के अस्पताल में आज उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा l उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (पुणे) इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स (दिल्ली) और इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (सिकंदराबाद) से शिक्षा ग्रहण की। पढ़ाई के दौरान ही देश की आजादी की लहर ने उन्हें भी छुआ था और छात्र जीवन में वे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी हिस्सा लेते रहे। उत्तराखंड राज्य में चल रही चार धाम यात्रा में उत्तराखंड जल संस्थान की ओर से यात्रियों को अच्छी सुविधा दी जा रही है। यात्रियों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करें इसके लिए चार धाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों के लिए शौचालय पानी के टैंक हैंड पंप की व्यवस्था भी की हुई है। वही इस विषय पर बात करते हुए उत्तराखंड के जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह ने कहा हमारे विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है यात्रियों को अच्छी सुविधा मिल सके। चार धाम यात्रा मार्गों पर हमारे विभाग के द्वारा शौचालय के लिए पूर्ण रूप से जल की व्यवस्था करी हुई है और मार्गों पर हैंडपंप भी लगे हुए हैं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) के चेयरमैन श्री चंद्र प्रकाश गोयल जी से लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में उल्लेखित “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर उत्पन्न भ्रम एवं स्थानीय जनता की समस्याओं के निराकरण हेतु भेंट की व इस संदर्भ में एक प्रतिवेदन भी दिया कोटद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों के अधिकांश नागरिक देहरादून एवं हरिद्वार आवागमन हेतु मिनी बस टैक्सी मैक्स वाहन एवं अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। यह मार्ग क्षेत्रीय जनता के लिए शिक्षा स्वास्थ्य बाजार रोजगार एवं दैनिक आवश्यकताओं तक पहुंच का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उल्लेखनीय है कि इस विषय पर मेरे द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग को खोलने का महत्वपूर्ण निर्णय दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर देहरादून जिला प्रशासन जनसमस्याओं के त्वरित समाधान में जुटा है। हाल ही में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम ( डीएम दरबार) में करीब 300 लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। डीएम सविन बंसल ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं भूमि विवाद और विभागीय समन्वय से जुड़ी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य लोगों को मौके पर ही राहत देना है। जिन मामलों में समय की जरूरत है उन्हें तय समय सीमा में निस्तारित किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि पब्लिक इंटरफेस मजबूत होने से जनता का शासन पर भरोसा बढ़ता है और इसी दिशा में जिला प्रशासन लगातार काम कर रहा।