बाघ के हमले में तेंदूपत्ता संग्राहक की दर्दनाक मौत परिजनों ने किया चक्काजाम कान्हा में ‘खामोश किलर’ का हमला! टी-220 महावीर बाघ ने तोड़ा दम 2 महीने में 8वीं मौत जमीन पर वन विभाग का कब्जा! आदेश के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण बालाघाट जिले के वन विकास निगम लामता प्रोजेक्ट अंतर्गत बालाघाट परिक्षेत्र में मंगलवार सुबह बाघ के हमले से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। घटना ग्राम गनखेड़ा के आगे चमरवाही बीट के कक्ष क्रमांक 418 के जंगल की है जहां 43 वर्षीय इंद्र कुमार परते तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए गए थे। घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक मूल रूप से सिवनी जिले के चमरवाही लाटगांव का निवासी था। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। परिजनों और ग्रामीणों ने लालबर्रा मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं वहीं प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुटी रही। विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से एक और दर्दनाक खबर सामने आई है। टी-220 “महावीर” नाम से पहचाने जाने वाले नर बाघ की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते दो महीनों में 7 से 8 बाघों की मौत से सिस्टम की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। जानकारी के अनुसार मुक्की परिक्षेत्र के मोहगांव बीट स्थित कक्ष क्रमांक 156 में महावीर गंभीर हालत में मिला था। गश्ती दल ने बाघ को तड़पते देखा और तुरंत पार्क प्रबंधन को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाज की कोशिश की गई लेकिन बाघ ने दम तोड़ दिया। एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में शरीर पर चोट और फेफड़ों में संक्रमण के संकेत मिले हैं। बैहर क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निजी भूमि पर बिना अनुमति निर्माण किए जाने के बावजूद विभाग न तो अतिक्रमण हटा रहा है और न ही प्रशासनिक आदेशों का पालन कर रहा है। इससे प्रभावित भूमिस्वामी न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर पीड़ितों ने कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की। भूमिस्वामी योगेश डोहरे प्रकाश पालेवार और राजेश खजरे ने वन विभाग पर आरोप लगाया कि उनकी निजी भूमि पर बिना सूचना ट्रेंच लाइन और मुनारा निर्माण कर अतिक्रमण किया गया। उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को विभाग को शिकायत दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में एसडीएम बैहर ने नक्शा सुधार कर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए फिर भी विभाग ने अब तक कार्रवाई नहीं की। जिले में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो एंबुलेंस जलकर खाक हो गईं। परसवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम खर्रा के पास मंगलवार सुबह एक तेज रफ्तार एंबुलेंस पेड़ से टकराकर पलट गई और उसमें आग लग गई। हादसे में चालक माइकल अंतुने मोरिस (56) निवासी अजनी नागपुर वाहन में फंस गया और जिंदा जलने से उसकी मौत हो गई। वह मरीज को संतरीटोला छोड़कर नागपुर लौट रहा था। वहीं दूसरी घटना वारासिवनी थाना क्षेत्र के दीनी-पूनी गांव में हुई जहां एक एंबुलेंस पेड़ से टकराकर जल गई। इस हादसे में चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल फरार चालक की तलाश जारी है। वारासिवनी क्षेत्र के ग्राम गर्रा में संचालित एक दूध डेयरी फैक्ट्री अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त अपशिष्ट खुले में बह रहा है जिससे न सिर्फ दुर्गंध फैल रही है बल्कि खेतों की फसलें भी प्रभावित हो रही हैं।ग्राम गर्रा के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुंचकर गांव में संचालित जैन दूध डेयरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड क्रमांक 8 में स्थित इस डेयरी फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट पदार्थ बिना किसी शोधन के सीधे नालियों और आसपास के खेतों में छोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अपशिष्ट का उचित निवारण सुनिश्चित किया जाए और फैक्ट्री पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत शहर के वार्ड नंबर २ भटेरा चौकी पम्प हाऊस गली मुख्य मार्ग में आधा दर्जन से अधिक युवकों ने दुकान में घुसकर मारपीट कर एक युवक को चाकू मारकर घायल कर दिया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक शुभम पिता शरद मेहरबान 29 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 11 बूढ़ी बालाघाट को ईलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं शुभम के साथ दुकान में मौजूद उसके मामा के लडक़े आशीष पिता बसंत सोनबिरसे 23 वर्ष निवासी बम्हनी लालबर्रा को मारपीट में मामूली चोट आई है। जिले के ग्राम सोनपुरी ग्राम पंचायत आमगांव के ग्रामीणजन व स्कूली बच्चे नाला में पुलिया निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्टर पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन देकर शीघ्र पुलिया निर्माण करने गुहार लगाई है। इस संबंध में ज्ञापन सौंपने पहुंचे मनोहरसिंह पन्द्रे ने बताया कि ग्राम सोनपुरी के नाले में पुलिया नहीं होने से ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को बारिश के दिनों में आवागमन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में नाला में पानी भर जाने से ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट जाता है और नाला का पानी कम होते तक ग्रामीण गांव में कैद हो जाते है। बारिश के दिनों में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते है और किसी की तबियत बिगड़ जाने पर उसे अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।