प्रदेश में OBC आरक्षण को लेकर अंतिम फैसले की उम्मीद लगाए बैठे पक्षकारों को फिलहाल झटका लगा है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने समर वेकेशन का हवाला देते हुए मामले की अंतिम सुनवाई टाल दी है। अब इस महत्वपूर्ण मामले पर अगली और अंतिम सुनवाई 16 जून को होगी।आज हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में OBC आरक्षण बढ़ाने का विरोध कर रहे पक्षों की दलीलें सुनी गईं। विरोधियों ने आरक्षण की सीमा और संवैधानिक प्रावधानों को लेकर अपना पक्ष रखा। वहीं मामले से जुड़े अन्य पक्षकारों की बहस अब अगली तारीख पर जारी रहेगी।बताया जा रहा है कि OBC आरक्षण से जुड़े इस मामले पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि इसका सीधा असर सरकारी भर्तियों और चुनावी प्रक्रिया पर पड़ सकता है। लंबे समय से यह मामला अदालत में लंबित है और विभिन्न पक्ष अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।हाईकोर्ट द्वारा 16 जून की तारीख तय किए जाने के बाद अब माना जा रहा है कि उसी दिन मामले में विस्तृत अंतिम बहस आगे बढ़ेगी। फैसले को लेकर प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों में भी उत्सुकता बनी हुई है। दिव्यांगता मुक्त भारत अभियान के तहत शहर में दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स वितरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। संस्कार सेवा उत्सव समिति रोटरी क्लब वेस्ट जबलपुर सेवा भारती महाकौशल और जायंट्स ग्रुप ऑफ इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में यह शिविर 15 से 17 मई 2026 तक आयोजित होगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आधुनिक उपकरणों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।शिविर का आयोजन होम साइंस रोड स्थित सांसद कार्यालय के समीप सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार यहाँ जरूरतमंद दिव्यांगजनों का परीक्षण कर उन्हें उनकी आवश्यकतानुसार कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। आयोजकों ने आमजन से अपील की है कि वे इस जानकारी को अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाएं ताकि वे इस सेवा का लाभ उठा सकें। इस पुनीत कार्य में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। शहर के कांचघर पुलिस लाइन समदड़िया नगर और ललित कॉलोनी क्षेत्र में इन दिनों पाइप लाइन डालने का कार्य रहवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। मुख्य मार्ग पर खुदाई के कारण रास्ता बंद होने से सारा यातायात रिहायशी इलाकों की सकरी गलियों में डाइवर्ट हो गया है। इन तंग गलियों से गुजरते तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि अब तक दो लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और दर्जनों घायल हो चुके हैं जिससे इलाके में दहशत और अव्यवस्था का माहौल है।तेज गति से निकलने वाले वाहनों के कारण बच्चों बुजुर्गों और महिलाओं का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सुव्यवस्थित यातायात की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि निर्माण स्थल पर उचित बेरिकेडिंग की जाए मुख्य मार्ग के दोनों छोरों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस की तैनाती की जाए। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।