छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले में भी अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया है। तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में नदी किनारे तरबूज और ककड़ी की खेती के बीच करीब एक एकड़ जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी।मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। मौके पर एसपी और एडिशनल एसपी सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक अफीम की खेती को अन्य फसलों के बीच छिपाकर किया जा रहा था ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने इस मामले में झारखंड निवासी आरोपी मार्शल सांगां को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र के आमाघाट गांव में अवैध अफीम खेती का खुलासा होने के बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। पुलिस ने छापेमारी कर अफीम की फसल जब्त की और झारखंड निवासी आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लिया है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और सरकार विफल है। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में कार्रवाई चल रही है और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जा रहे। राजधानी रायपुर के गोल चौक इलाके में नशे के लिए पैसे नहीं देने पर 12वीं के एक छात्र पर चाकू से हमला कर दिया गया। इस हमले में छात्र के पीठ और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक घायल छात्र भविष्य सोनी अपने दोस्त शिवम शुक्ला से मिलने गोल चौक मैदान पहुंचा था। वहां पहले से हर्ष बजरी गौरव रात्रे जतिन पटेल करण पांडे और उदय साहू मौजूद थे। इसी दौरान करण पांडे और उदय साहू ने छात्र से नशे के लिए 2 हजार रुपये की मांग की। छात्र द्वारा पैसे नहीं होने की बात कहने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए छात्र वहां से भागने लगा तभी करण पांडे ने उसके पीठ पर चाकू से हमला कर दिया। घायल छात्र की शिकायत के आधार पर डीडी नगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश की जा रही है फिल्म धुरंधर को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फिल्म को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे “चमचागिरी की पराकाष्ठा” बताया। उन्होंने कहा कि देश में आतंकवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं और ऐसे माहौल में केंद्र की मोदी सरकार को खुश करने के लिए इस तरह की फिल्में बनाई जा रही हैं। कांग्रेस ने भी फिल्म को एक राजनीतिक एजेंडा करार दिया है।वहीं इस बयान पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनभावनाओं की कद्र नहीं करती और केवल अपने राजनीतिक हितों के लिए काम करती है। साव ने कहा कि जब देश के एजेंडे पर काम हो रहा है तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है।उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिना फिल्म देखे और समझे विरोध करना उचित नहीं है।