छत्तीसगढ़ विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पेश होते ही सदन में जमकर हंगामा हुआ। डिप्टी सीएम व गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा विधेयक पेश किए जाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधेयक पर आपत्ति जताते हुए इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की लेकिन आसंदी ने उनकी आपत्ति खारिज कर दी। इससे नाराज विपक्ष ने दिनभर के लिए सदन से बहिर्गमन कर दिया। वहीं सरकार की ओर से गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे कानून बनाने पर कोई रोक नहीं लगाई है और राज्य को यह अधिकार है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी कहा कि विधेयक पर सदन में चर्चा होगी और इसे पारित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर तीखी सियासी बहस छिड़ गई। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरते हुए तत्काल चर्चा की मांग की।महंत ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में 19 लाख 13 हजार 450 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए जिनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए विस्तृत चर्चा की मांग की। वहीं सत्ता पक्ष ने आरोपों को राजनीतिक बताया। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि SIR प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है इसलिए इस पर विधानसभा में चर्चा नियमों के अनुरूप नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर के लिए रवाना हो गए हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और राज्य में खुशहाली की कामना की।सीएम साय ने कहा कि वे आज जशपुर जा रहे हैं जहां गांवों में सरना परंपरा के तहत बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे जिनमें बैगा समुदाय भी शामिल होगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में आयुष्मान कार्ड से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। बलोद जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए और सख्त कार्रवाई की मांग की।सरकार के जवाब से असंतुष्ट निषाद ने कहा कि अब तक की जांच संतोषजनक नहीं है और पूरे मामले की जांच विधायक दल से कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में डॉ. होलकर की भूमिका सामने आ रही है इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई जरूरी है । छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लंबित भुगतान का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक जनक ध्रुव ने परफॉर्मेंस सिक्योरिटी और सुरक्षा निधि के भुगतान में देरी पर सरकार से जवाब मांगा।ध्रुव ने कहा कि कई सड़क निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं लेकिन ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। उन्होंने लंबित राशि और देरी के कारणों की जानकारी भी मांगी।उन्होंने चेतावनी दी कि भुगतान में देरी से विकास कार्य प्रभावित होंगे और ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। साथ ही मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की।