1. बाजार में भूचाल! सेंसेक्स 1800 अंक टूटा निवेशकों के उड़े होश 19 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। BSE Sensex करीब 1800 अंक (2.35%) गिरकर 74900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है जबकि Nifty 50 भी 540 अंक (2.20%) टूटकर 23250 के नीचे आ गया। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में तेज बिकवाली देखी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार जियोपॉलिटिकल तनाव और युद्ध जैसे हालात महंगाई बढ़ाने का खतरा पैदा करते हैं जिससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ता है और निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। 2. HDFC बैंक में बड़ा बदलाव चेयरमैन का इस्तीफा शेयर लुढ़का HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बैंक के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठाए हैं। इसके बाद केकी मिस्त्री को रिजर्व बैंक की मंजूरी से 19 मार्च से तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है। इस खबर का असर शेयर पर भी पड़ा और HDFC बैंक का शेयर करीब 5% गिरकर 800 रुपए के आसपास पहुंच गया। इस साल अब तक बैंक का शेयर लगभग 20% गिर चुका है। 3. जंग का असर ड्राई फ्रूट्स और दवाइयों के दाम में उछाल ईरान-इजराइल तनाव का असर भारत के बाजारों पर भी दिख रहा है। दिल्ली में ड्राई फ्रूट्स की कीमतें 50% तक बढ़ गई हैं जबकि पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत में 47% तक उछाल आया है। वैश्विक अस्थिरता के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है जिससे आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। 4. सोना-चांदी में गिरावट चांदी 2.50 लाख रुपए प्रति किलो India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक 18 मार्च को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। एक किलो चांदी की कीमत 2433 रुपए घटकर 2.50 लाख रुपए पर आ गई जो एक दिन पहले 2.52 लाख रुपए थी। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते कीमती धातुओं के दामों में यह बदलाव देखने को मिला। **5. कच्चे तेल में उछाल ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर के पार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। Brent Crude Oil चार प्रतिशत से अधिक बढ़कर 112.17 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधाओं की आशंका के कारण यह उछाल दर्ज किया गया है। **6. फेडरल रिजर्व का फैसला ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं Federal Reserve ने अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.5% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखने का निर्णय लिया है। फेड के अनुसार अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है लेकिन महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। इस फैसले का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।