डेढ़ माह से चार बच्चों की मां गोरा नहीं दे रही दिखाईवन कर्मियों की लापरवाही चोरी का खुलासा चोर और खरीददार दोनों गिरफ्तार पानी की समस्या से जूझ रहे ड्रीम होम कॉलोनी के रहवासी जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दुरस्थ सोनेवानी कंजर्वेशन रिजर्व में चौकाने वाली खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। जिसमें कहा जा रहा है की 4 बच्चों की मां गौरा बाधिन पिछले डेढ़ माह से दिखाई नही दे रही है उसके साथ एक शावक भी है। ऐसा बताया जा रहा है। लापता गौरा बाघिन को सफारी करने वाले पर्यटकों ने 4 बच्चों के साथ उनमुक्त रूप से जंगल में विचरण करते हुये देखा और उसकी चहल कदमियों को कैमरे में केद भी किया। वन्य प्राणी प्रेमियों ने अवगत कराया कि वह बच्चों के छोटे होने से उन्हें छोड़ा नहीं करती थी उसके लापता होने के बाद से 3 बच्चें उसकी तलाश में भटक रहे हैं और बच्चों की हालत कमजोर होती जा रही है। एक शावक सहित गौरा बाघिन के लापता हो जाना वन्य कर्मियों की लापरवाही का परिणाम है। बेखौफ होकर जंगल में बच्चों के साथ विचरण करने वाली मादा बाघिन और बच्चों की लगातार मानिर्टिग की जाती थी उसके प्रतिदिन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिये कैमरा लगाये जाने थे ताकि पल दर पल के मूवमेंट का पता चलता लेकिन लापरवाही के चलते ऐसा नहीं किया गया। कोतवाली पुलिस ने चोरी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में इंदिरा नगर बालाघाट निवासी शुभम उर्फ चुम्मा पिता राधेलाल बंशकार और कुम्हारी मोहल्ला बालाघाट निवासी अल्ताफ पिता सिद्दिक बडगाम शामिल है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का माल भी बरामद किया है पुलिस ने बताया कि 20 फरवरी को आकाश बिसेन ने थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि अवधपुरी क्षेत्र के एक गोदाम से करीब 15 हजार रुपए का सामान चोरी हुआ था। शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर पुलिसने जांच प्रारंभ की थी। सीसीटीवी और मुखबिर की मदद से मुख्य आरोपी शुभम बंशकार को गिरफ्तार किया गया जिसने चोरी करना कबूल किया। पूछताछ में उसने चोरी का माल कबाड़ी अल्ताफ को बेचने की बात भी बताई। पुलिस ने खरीदार आरोपी को भी पकड़ लिया है और दोनों के पास से चोरी का सामान बरामद कर लिया गया है। मध्यप्रदेश लघुवेतन कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने 17 मार्च को कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के निराकरण की मांग करते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है। संघ के जिला अध्यक्ष संतोष प्रधान ने बताया कि 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर उसके निराकरण की मांग की गई है। मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शहरीय क्षेत्र के वार्ड नंबर २ भटेरा चौकी में स्थित ड्रीम होम कॉलोनी के रहवासियों ने कालोनाइजर पर मूलभूत सुविधाएं नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुये पानी की समस्या का शीघ्र समाधान कराए जाने वार्ड पार्षद यंगराज कारो लिल्हारे के नेतृत्व में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान पार्षद कारो लिल्हारे व रहवासियों ने बताया कि कालोनाइजर आशीष कांकरिया द्वारा ड्रीम होम्स के नाम से निर्माण की गई है। इसमें लगभग २८ परिवार करीब दो वर्ष से निवास कर रहे है व २८ भूखंड निर्माणाधीन है। कालोनाइजर द्वारा यहां रहवासियों को करीब दो माह से पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिससे रहवासी नपा से टेंकर में पानी बुलाकर उपयोग कर रहे है। कालोनाइजर द्वारा रेरा नियम का पालन नहीं किया जा रहा है और रहवासियो को मूलभूम सुविधाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जिले के कटंगी जनपद अंतर्गत ग्राम सेलवा में संचालित मेसर्स मेटल एंड मिनरल्स माइंस द्वारा करीब दो माह से भारी ब्लास्टिंग की जा रही है। खदान में की जा रही भारी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। लगातार हो रहे विस्फोटों से गांव के करीब एक सैकड़ा से अधिक कच्चे व पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। पक्के मकानों में दरारें आ गई है। इससे ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुये मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है शीघ्र भारी ब्लास्टिंग पर रोक लगाया जाए व क्षतिग्रस्त हुये मकानों का माइंस संचालक से मुआवजा दिलाया जाए। जनपद पंचायत वारासिवनी के जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 12 के अंतर्गत आमगांव से बरबसपुर तक बनी करीब सवा किलोमीटर सडक़ निर्माण के महज 15 दिन बाद ही खराब गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है। इस सडक़ का निर्माण प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना से करीब 72 लाख रुपए की लागत से की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सडक़ का निर्माण रात के अंधेरे में किया गया और काम में भारी अनियमितताएं बरती गईं। ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत सदस्य गीता हनवत ने भी मौके का निरीक्षण कर गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं और मामले की जांच की मांग की है। फिलहाल ग्रामीणों और जिला पंचायत सदस्य ने जिला प्रशासन से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। जिले में गोलर समाज ने अपने सामाजिक और शैक्षणिक अधिकारों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की है। गोलर समाज उत्थान बहुउद्देशीय संघ समिति के नेतृत्व में मंगलवार को जिले भर के गोलर समाज के लोगों ने स्थानीय आम्बेडकर चौक से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर राहुल नायक को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान उन्होंने बताया कि गोलर जाति को घुमक्कड़ जाति के रूप में जाना जाता है और इसे किसी भी वर्ग में शामिल नहीं किया जा रहा है। उन्होने मुख्यमंत्री से मांग की है कि गोलर जाति को अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल किया जाए व शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी हमारे द्वारा मांगों को लेकर तीन-चार बार ज्ञापन सौंपा गया है लेकिन कोई अमल नहीं किया गया। कलेक्टर मृणाल मीना ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को समक्ष में सुनवाई की। इस दौरान 200 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों की सुनवाई कर उनका निराकरण कराया गया वहीं 200 से ज्यादा प्रकरणों में हितग्राहियों को भुगतान भी किया गया। प्रसूति सहायता और जननी सुरक्षा योजना की लंबित शिकायतों को 2 दिन के भीतर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। गर्भवती माताओं को प्रसव के उपरांत प्रसूति सहायता एवं जननी सुरक्षा योजना की राशि के प्रकरण तैयार करने में लापरवाही बरते जाने के कारण कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के लखन बिसेन और दीपक तुरकर को नोटिस जारी करने और प्रसव के उपरांत माताओं की डाटा एंट्री में लापरवाही बरते जाने के कारण कर्मचारी राखी की सेवाएं समाप्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिये गए। इसके साथ ही उन्होंने डीपीएम विक्रम सिंह ठाकुर को भी इस कार्य की ठीक से निगरानी नही करने के लिए कारण नोटिस जारी करने कहा है।