छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के शून्यकाल में LPG (रसोई गैस) सिलेंडरों की किल्लत और कमर्शियल गैस सप्लाई बंद होने के मुद्दे पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने इस पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव रखा लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे अग्राह्य घोषित कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह में उतर गए। मीडिया से चर्चा में कांग्रेस विधायक अनिल भेड़िया ने कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और गैस सिलेंडरों के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस की कमी से शादी-विवाह होटल व्यवसाय और आम घरों में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लाया गया स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया जबकि यह जनता से जुड़ा गंभीर विषय है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 62 लाख से अधिक घरेलू गैस कनेक्शन हैं और सरकार लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्तर की समस्या है और विपक्ष सदन को गुमराह कर लोगों में पैनिक पैदा करने की कोशिश कर रहा है। छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अफीम की खेती हो रही है और इसमें भाजपा से जुड़े लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए इसे भाजपा का “नया स्टार्टअप” तक बता दिया। भूपेश बघेल ने कहा कि दुर्ग में भाजपा नेता द्वारा अफीम की खेती का मामला सामने आया है और नगरी-सिहावा क्षेत्र में भी ऐसी जानकारी मिल रही है। वहीं मंत्री केदार कश्यप ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि दुर्ग में मामला सामने आते ही सख्त कदम उठाए गए। कश्यप ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में कोयला और शराब घोटाले हुए और अपराधियों को संरक्षण दिया गया। राजधानी रायपुर में ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्र के भोले-भाले वाहन मालिकों और बेरोजगार युवकों को सरकारी विभागों में गाड़ी लगाने के नाम पर ठगा गया। पीड़ितों ने 16 फरवरी को इस मामले की लिखित शिकायत कमिश्नर कार्यालय में की थी लेकिन 12 मार्च तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। पीड़ितों के अनुसार पुलिस विभाग में पदस्थ एक ASI के बेटे ने उनसे एग्रीमेंट कराया था कि उनकी गाड़ियों को अलग-अलग सरकारी विभागों में 40 हजार रुपए प्रति माह के किराए पर लगाया जाएगा। करीब 15 गाड़ियों का एग्रीमेंट किया गया। शुरुआत में एक किस्त दी गई लेकिन दूसरी किस्त के बाद लगातार टालमटोल किया जाने लगा। जब वाहन मालिकों ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि कई गाड़ियां गिरवी रखी जा चुकी हैं या बेची जा चुकी हैं। इसके बाद पीड़ितों ने न्याय की मांग करते हुए कमिश्नर कार्यालय में आवेदन दिया। कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़ित 12 मार्च को फिर से कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की। बीते दिनों गोबरा नवापारा में कथित धर्मांतरण के मामले के बाद एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज ने समाज के स्थानीय अध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई को लेकर पीड़ित पक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा और सभी आरोपों का खंडन करते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई बताया। पीड़ित ने कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह गलत है और गोबरा नवापारा में किसी भी प्रकार का धर्मांतरण नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि पूरा मामला दरअसल अवैध कारोबार और सूदखोरी से जुड़ा विवाद है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गुंडागर्दी और दहशत फैलाने के साथ-साथ झूठे एसटी-एससी एक्ट में फंसाने की धमकी भी दे रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने निलंबन को एकतरफा बताते हुए इसके खिलाफ आगे की कानूनी और सामाजिक रणनीति अपनाने की बात भी कही। छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा चैट्री चंड के पावन अवसर पर भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 14 और 15 मार्च 2026 को प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय “सिंधियत जो मेला” का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रायपुर के ललित महल छेरीखेड़ी में आयोजित होगा। इस दो दिवसीय आयोजन में पूरे प्रदेश से सिंधी समाज के लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान झूलेलाल की जयंती को यादगार बनाना और नई पीढ़ी को सिंधी समाज की संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। आयोजन के दौरान समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को मंच के माध्यम से सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के आम नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना–2026” का शुभारंभ किया। इस जनकल्याणकारी योजना के तहत राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बकाया बिलों के भुगतान में राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से प्रदेश के लगभग 28.42 लाख बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की संभावना है। इसके जरिए करीब 1566 करोड़ रुपये के बकाया प्रकरणों के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही उपभोक्ताओं को लगभग 757 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।