छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक विशेष पहल देखने को मिली। सरेंडर कर चुके पूर्व नक्सली विधानसभा परिसर पहुंचे और उन्होंने सदन की कार्यवाही का अवलोकन किया। जानकारी के अनुसार 100 से अधिक पुनर्वासित पूर्व नक्सलियों ने विधानसभा पहुंचकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को करीब से देखा और उसकी कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदेश के डिप्टी सीएम ने उनसे मुलाकात कर संवाद किया। मुलाकात के दौरान उनके अनुभवों पुनर्वास प्रक्रिया और समाज की मुख्यधारा में वापसी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान विधायक संगीता सिन्हा ने वित्त मंत्री से वित्त विभाग में लंबित विकास कार्यों को लेकर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 2023-24 2024-25 और 2025-26 के बजट में शामिल कई कार्य अब भी वित्त विभाग में अटके हैं। विधायक का आरोप है कि विभागीय अधिकारी फाइलें वित्त विभाग में लंबित होने की बात कहते हैं जबकि आवश्यक “बुकलेट” पहले ही जमा हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी सिंचाई और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत कार्यों के लिए अब तक राशि जारी नहीं हुई है। सिंचाई विभाग में करीब 28 करोड़ रुपये लंबित बताए जा रहे हैं जबकि तांदुला जलाशय से जुड़े कार्यों के लिए प्रस्तावित 18 करोड़ 18 लाख रुपये भी जारी नहीं किए गए। संगीता सिन्हा ने कहा कि बजट में घोषणाएं तो होती हैं लेकिन राशि समय पर जारी नहीं होती। उन्होंने वित्त मंत्री से बजट प्रावधानों के अनुसार समयबद्ध राशि जारी करने और प्रशासनिक स्वीकृति देने की मांग की। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने राज्य सरकार के “विजन 2047” का विरोध प्रदूषण मास्क पहनकर किया। सदन में उन्होंने आरोप लगाया कि जल जंगल और जमीन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है तथा नया रायपुर सहित कई क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई हो रही है। देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार का विजन प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के बजाय उन्हें उद्योगपतियों को सौंपने की दिशा में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोहन जारी रहा तो आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरणीय संकट झेलना पड़ेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की मांग की। आत्मसमर्पित नक्सलियों को विधानसभा की कार्यवाही दिखाने पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे और आत्मसमर्पण का कांग्रेस स्वागत करती है लेकिन सरकार की नीतियों पर सवाल हैं। यादव ने आरोप लगाया कि जल जंगल और जमीन के मुद्दे पर आदिवासियों के साथ अन्याय हो रहा है और कई मामलों में कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। धमतरी जिला कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हलचल मच गई जब लोहरसी गांव से 4–5 ट्रैक्टरों में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचकर प्रदर्शन करने लगीं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बच्चों के खेल मैदान और बुजुर्गों के टहलने के लिए आरक्षित जमीन को भाजपा कार्यालय निर्माण के लिए आवंटित कर दिया गया है। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने सरपंच और स्थानीय पदाधिकारियों पर भी सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि जनभावना की अनदेखी कर जमीन आवंटन किया गया है। विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में सिटी गैस अवसंरचना परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएनजी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और रायपुर नगर निगम की पहली पाइपलाइन गैस उपभोक्ता से संवाद कर घरेलू उपयोग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश रजत जयंती वर्ष मना रहा है और सिटी गैस परियोजना विकास यात्रा की नई उपलब्धि है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अब डीपीएनजी (डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस) के माध्यम से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पाइपलाइन से गैस उपलब्ध होगी जिससे रिफिलिंग की झंझट खत्म होगी और सुरक्षा बढ़ेगी। साथ ही सीएनजी के उपयोग से प्रदूषण में कमी और ईंधन खर्च में राहत मिलेगी। यह परियोजना रायपुर बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों में शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रीन एनर्जी को प्राथमिकता देते हुए प्रदेशवासियों से स्वच्छ ईंधन अपनाने की अपील करती है।