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राष्ट्रीय
26-Feb-2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल में प्रदेश की जेलों में हुई कस्टोडियल डेथ का मुद्दा गूंजा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार से जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच हुई अस्वाभाविक मौतों का ब्यौरा मांगा और न्यायिक जांच की स्थिति पर सवाल उठाए।उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस अवधि में केंद्रीय और जिला जेलों में कुल 66 बंदियों की मृत्यु हुई। इनमें से 18 मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट जांच पूरी हो चुकी है जबकि 48 मामलों में जांच जारी है।भूपेश बघेल ने जीवन ठाकुर की मौत को संदिग्ध बताते हुए मामले की जांच विधानसभा समिति से कराने की मांग की। गृहमंत्री ने कहा कि प्रकरण में मजिस्ट्रेट जांच पहले से चल रही है इसलिए समानांतर जांच उचित नहीं है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में नक्सलियों के सरेंडर और पुनर्वास नीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से 2023 से अब तक आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों इनामी आरोपियों और दी गई राशि का विवरण मांगा।उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि 9 फरवरी 2026 तक 2937 नक्सलियों ने सरेंडर किया जिनमें 1496 इनामी नक्सली शामिल हैं। पुनर्वास के तहत अब तक 5 करोड़ 64 लाख रुपये की प्रारंभिक सहायता राशि दी गई है जबकि 49 करोड़ 34 लाख रुपये की इनामी राशि शेष है।उन्होंने कहा कि सरेंडर करने वालों की राशि बैंक में जमा की जाती है जिसे वे तीन वर्ष बाद निकाल सकते हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान खरीदी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव को लेकर जोरदार बहस हुई। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिस विषय पर विपक्ष स्थगन प्रस्ताव लाया है उस पर इस तरह चर्चा करना नियमसम्मत नहीं है।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि इस वर्ष धान का रकबा घटा है और कई किसानों की खरीदी नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के परिसरों में बिना पूर्व सूचना जांच की गई जो अनुचित है।बघेल ने पूछा कि किस आदेश और नियम के तहत यह कार्रवाई की गई तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। विपक्ष ने इसे किसानों का अपमान बताया जबकि सत्ता पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया। छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रदेश में ड्रग तस्करी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। सदन में बहुचर्चित ड्रग पैडलर नव्या मलिक का नाम गूंजा।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि आरोपियों की सूची में नव्या मलिक का नाम शामिल नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जवाब में दी गई जानकारी से नाम क्यों गायब है क्या इसे जानबूझकर छुपाया गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है? साथ ही लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की।इस पर संबंधित मंत्री ने कहा कि उन्हें तत्काल इसकी जानकारी नहीं है और मामले की जांच कराई जाएगी।