विदेश में रहने के बावजूद भारत के निवासी अपनी संस्कृति की विरासत को सजोने का काम करने में लगे हैं। इसका नजारा ऋषिकेश के निकट परमार्थ निकेतन गंगा घाट पर देखने को मिला। यहां गंगा आरती में पहुंची शिकागो निवासी वंदना झींगन और उनके अमेरिका निवासी भाई आशीष ने बताया कि भारत की संस्कृति से वह बहुत प्यार करते हैं। यही वजह है कि 13 अक्टूबर 2025 को विदेश में उनकी मां ने अंतिम सांस ली। जहां उन्होंने विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार किया। लेकिन अस्थियां मोक्षदायिनी मां गंगा में विसर्जित करने के लिए वह हरिद्वार आई। यहां सनातन संस्कृति के अनुरूप उन्होंने सती घाट पर अपनी मां की अस्थियां विसर्जित की और उनके मोक्ष की प्रार्थना की। अब उन्होंने परमार्थ निकेतन के गंगा घाट पर मां गंगा की। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर हेली सेवा का टेंडर अंतिम चरण में पहुंच गया है और इसके 5 मार्च के आसपास खुलने की संभावना है। इस बार पूरी प्रक्रिया डीजीसीए के सुरक्षा प्रतिबंधों और मानकों को ध्यान में रखते हुए पूरी की जा रही है ताकि यात्रा के दौरान उड़ान संचालन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके। यात्रा के मद्देनजर केदारनाथ और बद्रीनाथ में दो नए एटीसी स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं। लाइव ट्रैकिंग डिवाइस की खरीद कॉमन ग्राउंड हैंडलिंग व्यवस्था अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती और मौसम की सटीक जानकारी के लिए सिलीमीटर समेत अन्य उपकरणों की स्थापना की प्रक्रिया भी प्रगति पर है। उत्तराखण्ड राज्य की बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने भवन निर्माण नियमों को अधिक सुरक्षित और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भारतीय मानक ISO 1893-2025 के अनुसार पूरे राज्य के भूकंप जोन छह में शामिल होने के बाद अब बिल्डिंग बायलाॅज में व्यापक संशोधन किया जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा वर्तमान बिल्डिंग बायलाॅज की समीक्षा एवं संशोधन हेतु सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार को समिति का संयोजक बनाया गया है। बता दें कि वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में बिल्डिंग बायलाॅज भारतीय मानक ब्यूरो के पुराने संस्करण ISO 1893-2002 पर आधारित हैं। खटीमा दमगड़ा गांव जो मुख्यमंत्री गृह क्षेत्र अपने आवास से चंद कदम दूर है वहां सन्नाटा परा है। विवाद तलवार फार्म की उस 125 एकड़ जमीन का है जिसे लेकर किरण तलवार परिवार और दूसरे पक्षों के बीच पिछले कुछ सालों से कानूनी जंग चल रही है। जिसमें पुलिस और राजस्व विभाग की भारी मौजूदगी में अचानक खेतों में ट्रैक्टर उतर आए। बिना किसी पूर्व नोटिस के गन्ना गेहूं और लाई और मटर की खड़ी फसल को रौंद दिया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट तक नहीं थी जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। मामला तब और उलझ गया जब इस जमीन के अलग-अलग दावेदार सामने आने लगे। प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कश्मीर सिंह नामक व्यक्ति को कब्जा दिलाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है. इस बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. आगामी वित्तीय वर्ष 2026 27 के लिए पेश होने वाले बजट पर भी मंत्रिमंडल ने सहमति जाता दी है. पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस साल बजट में 10 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है ऐसे में इस साल 1.11 लाख करोड़ रुपए का बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा. मंत्रिमंडल ने बजट में संशोधन किए जाने संबंधित निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत कर दिया है. देहरादून में शिक्षा निदेशालय में हुई विवादित घटना के बाद रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।बीजेपी महानगर कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि वे अपने क्षेत्र में एक विद्यालय के लिए स्वर्गीय पदम सिंह रावत द्वारा दी गई करीब डेढ़ बीघा भूमि को उनके नाम पर करने के संबंध में शिक्षा निदेशालय गए थे। इस दौरान संबंधित परिवार के लोग भी उनके साथ मौजूद थे।उन्होंने बताया कि यह प्रकरण काफी समय से लंबित था और बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने विवाद शांत कराने का प्रयास किया लेकिन “जाने-अनजाने में” घटना घट गई जिस पर उन्हें गहरा दुख है।विधायक ने कहा कि वे संबंधित पक्षों से माफी मांगते हैं और भविष्य में इस तरह की स्थिति न हो इसका पूरा ध्यान रखेंगे आगमी विधानसभा बजट सत्र 9 मार्च से गैरसैंण के भराड़ीसैण में बजट सत्र आहूत होना है जिसको लेकर प्रसाशन अपनी तैयारियों में जुट गया है। आज भराड़ीसैण पहुंचकर जिलाधिकारी गौरव कुमार व पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने संयुक्त रूप से कर्णप्रयाग से भराड़ीसैण विधानसभा परिसर का स्थलीय निरीक्षण करने के उपरांत विधानसभा परिसर में सम्बधित विभागों से बजट सत्र की व्यवस्थाओ की गहनता से जानकारी ली व सम्बन्धित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भराड़ीसैण विधानसभा सत्र के दौरान सभी व्यवस्थाओं को समय रहते हुए दुरुस्त करने संवेदनशील क्षेत्रों में नेटवर्क/वायरलेस कनेक्टिविटी दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।