#DalitIssue #Anganwadi #OdishaNews #Kendrapara #SocialJustice #CasteDiscrimination #ChildEducation #MidDayMeal #IndiaNews #AdministrationAction #Equality #InclusiveEducation #BreakingNews #RuralIndia #HumanRights आंगनवाड़ी केंद्र में दलित सहायिकागांव वालों का बच्चों को स्कूल भेजने से इनकार फिर कैसे माने ? ओडिशा के केंद्रपाड़ा ज़िले में एक दलित आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा है. करीब तीन महीनों के बाद 16 फरवरी यानी सोमवार आंगनवाड़ी केंद्र में 12 बच्चे शामिल हुए और इन्होंने दलित आंगनवाड़ी सहायिका के हाथों से बना खाना खाया. दरअसल पिछले तीन महीनों से दलित सहायिका की नियुक्ति के विरोध में बच्चों को अभिभावक आंगनवाड़ी केंद्र नहीं भेज रहे थे. 14 फ़रवरी को गांव में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और ओडिशा बाल संरक्षण अधिकार आयोग ओडिशा महिला आयोग की सदस्यों के दख़ल के बाद अभिभावकों ने आंगनवाड़ी केंद्र भेजने को लेकर शपथ पत्र दिया था. हालांकि सोमवार को भी आठ परिवारों ने बच्चे नहीं भेजे. ओडिशा के केंद्रपाड़ा ज़िले के राजनगर ब्लॉक घडियामाल ग्राम पंचायत के गांव नुआगांव में एक दलित सहायिका शर्मिष्ठा सेठी की नियुक्ति के विरोध में गांव के लोग अपने बच्चों को आंगनवाड़ी सेंटर नहीं भेज रहे थे.