रुड़की के अब्दुल कलाम चौक से कोर कॉलेज बाईपास की ओर जाने वाला सोलानी पुल एक बार फिर चर्चा में है। लेकिन इस बार चर्चा किसी विकास कार्य की नहीं बल्कि सिस्टम की पोल खोलते एक जानलेवा गड्ढे की है। पुल के ऊपर अचानक बना यह गहरा गड्ढा चीख-चीख कर गवाही दे रहा है कि यहाँ काम नहीं बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट हुआ है। सवाल सीधा है क्या हर बार सड़क ही धंसती है या फिर हर बार जवाबदेही को भ्रष्टाचार के मलबे के नीचे दबा दिया जाता है? यह कोई मामूली सड़क नहीं है। यह NH-334 (पुराना NH-58) का वह हिस्सा है जिसे NHAI (National Highways Authority of India) द्वारा केंद्र सरकार के मुजफ्फरनगर-हरिद्वार-देहरादून प्रोजेक्ट के तहत पास किया गया था। इस सेक्शन का निर्माण कार्य मुख्य रूप से Era Infrastructure और बाद में पुनर्गठित प्रोजेक्ट्स के तहत HCC (Hindustan Construction Company) जैसी बड़ी कंपनियों के पास रहा। ऋषिकेश में वन भूमि पर बसे लोगों का विरोध जारी है। लोगों का कहना है कि उन्होंने मेहनत की कमाई से जमीन खरीदी और मकान बनाए ऐसे में उन्हें वहां से हटाना उनको बेघर करना है इस पर पूर्व कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि इस मुद्दे को हमारे संसद नरेश बंसल और महेन्द्र भट्ट ने संसद में उठाया है। और मैने खुद लोगों से बात कर अपील की है कि वो कानून हाथ में ना लें। विधायक ने कहा कि मैने इस बारे में मुख्यमंत्री से भी बात की है और मुझे पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस बात का संज्ञान लेंगे और लोगों को राहत मिलेगी। उत्तराखंड की सियासत में बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विपक्ष पर देवभूमि की पहचान से समझौते का आरोप लगाए जाने के बाद अब कांग्रेस ने इस पर कड़ा जवाब दिया है। चुनाव प्रचार अभियान समिति उत्तराखंड के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और डेमोग्राफिक बदलाव रोकने की जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं बल्कि सत्ता में बैठी सरकार की है। प्रीतम सिंह ने कहा कि अगर अवैध रूप से कोई रह रहा है या सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है तो उस पर कार्रवाई करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के हर नागरिक को कानून के तहत कहीं भी जमीन खरीदने और रहने का अधिकार है। विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सरकार आखिर क्यों अपने कर्तव्यों से ध्यान भटका रही है उत्तराखंड में मदरसे के नाम पर ली गई जमीन को आम लोगों को बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शिक्षा ट्रस्ट के नाम पर जमीन ली गई थी लेकिन अब उसी जमीन का उपयोग नियमों के विपरीत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मामला नियम-कानून और सरकारी व्यवस्था के खिलाफ प्रतीत होता है इसलिए इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है कि जो भी व्यक्ति या संस्था कानून का उल्लंघन करेगी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस जमीन से जुड़े पूरे मामले में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और सरकार किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। नगर निगम देहरादून में कारगी चौक स्थित कूड़े को हटाने को लेकर एक बार फिर प्रदर्शन हुआ। महिला कांग्रेस की अध्यक्षा ज्योति रौतेला के नेतृत्व में नगर निगम परिसर में जमकर नारेबाजी हुई और करगी के नजदीक कूड़े को स्थानांतरित करने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस परिसर पर ही धरने पर बैठ गई। इस दौरान महिला कांग्रेस की अध्यक्षा ज्योति रौतेला ने कूड़े से भरे तीन से चार पॉलिथीन बैग परिसर पर ही रख दिए उन्होंने कहा कि जब तीन से चार कूड़े के बैग भी नगर निगम परिसर में दुर्गंध फैला रहे हैं तो आखिरकार कारगी में रहने वाले लोगों की क्या बुरी स्थिति होगी इसे नगर निगम को समझना चाहिए और वहां से कूड़े के ढेर को कहीं और स्थानांतरित करना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो इस विरोध को आने वाले समय में और तेज किया जाएगा। नारसन ब्लॉक के गाँव अकबर पुर ढढेकी में जब नायाब तहसीलदार स्कूल की भूमि की नपाई करने पहुँचे तो पूर्व और वर्तमान प्रधान के पक्ष वाले आमने सामने आ गए वहीं भूमि नपाई पर वर्तमान प्रधान ने संतुष्टि जताई तो पूर्व प्रधान ने इसका विरोध किया l नायाब तहसीलदार यूसुफ मालिक ने कहा कि स्कूल की भूमि नाप दी गई है और जल्द ही इसपर स्कूल का निर्माण शुरू हो जाएगा l वर्तमान प्रधान फरमान अली का कहना है कि वह भूमि की नपाई से संतुष्ट है और जल्द ही इस पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा l पूर्व प्रधान ओमवीर सिंह ने इस नपाई को गलत बताते हुए कहा कि नायाब तहसीलदार ने सही ढंग से नपाई नही की जिससे वह असन्तुष्ट है और जॉइन्ट मजिस्ट्रेट से दोबारा नपाई करने की गुहार लगाएंगे l गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस परीक्षा में ऋषिकेश के गुमानीवाला स्थित राजश्री चिल्ड्रन एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस वर्ष प्रदेश भर से लगभग 86204 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था। जिसमें अकेले देहरादून जनपद से 13500 छात्र शामिल हुए। कड़े मुकाबले के बीच राजश्री चिल्ड्रन एकेडमी ने जनपद के टॉप स्कूलों में तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता को साबित किया। विद्यालय के कुल 9 छात्र-छात्राओं ने जनपद और तहसील स्तर पर श्रेष्ठ स्थान प्राप्त किए हैं। विजेता छात्र-छात्राओं को आयोजित समारोह में प्रमाण-पत्र स्मृति चिन्ह ज्ञानवर्धक पुस्तकें एवं 700 रुपए की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। विशेष उपलब्धि के लिए विद्यालय की शिक्षिका एकादशी उनियाल को भी सम्मानित किया गया