एम्स के निकट अतिक्रमण हटाने को लेकर विरोध कर रही चार महिलाओं सहित पांच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूजा पत्नी विजय पिंकी पत्नी नरेश रीता पत्नी राजेंद्र अंजना पत्नी जबर सिंह और राजेंद्र पुत्र जबर सिंह निवासी शिवाजी नगर के रूप में हुई है। अब उनके खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई है। भविष्य में अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत भी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने सत्य अहिंसा और त्याग के मार्ग से पूरे विश्व को शांति और एकता का संदेश दिया। उनका जीवन दर्शन आज भी समाज को नई दिशा देने वाला है। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से गांधीजी के विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी की प्रेरणा से ही हमें स्वच्छता आत्मनिर्भरता और सादगी का संदेश मिलता है जो राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण सैनिक कल्याण एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित की। पूरे देश में आज विजय दशमी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है वहीं राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में भी रावण का 121 फुट का पुतला बनाया गया है l विजयादशमी के मौक़े पर ।आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी और साथ ही कहा हमें हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए और असत्य को त्यागना चाहिए। रुद्रप्रयाग से बड़ी खबर। दशहरे के पावन अवसर पर द्वितीय केदार मदमहेश्वर धाम और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के शीतकालीन बंद होने की तिथि तय कर दी गई है। पंचांग गणना के अनुसार मदमहेश्वर धाम के कपाट 18 नवंबर को बंद होंगे जबकि तुंगनाथ धाम के कपाट 6 नवंबर से शीतकालीन बंदी के लिए बंद रहेंगे। मदमहेश्वर धाम की चल विग्रह डोली 18 नवंबर के बाद श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देती हुई 21 नवंबर को ओकारेश्वर मन्दिर में शीतकालीन गद्दी पर विराजमान होगी। देहरादून उत्तरकाशी से बड़ी खबर। चारधाम यात्रा के प्रमुख धाम यमुनोत्री के कपाट इस वर्ष 23 अक्टूबर यमद्वितीया पर्व पर विधिपूर्वक शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद मां यमुना का शीतकालीन प्रवास खरशाली स्थित यमुना मंदिर में होगा जहां छह महीने तक उनकी पूजा-अर्चना और दर्शन किए जा सकेंगे। यमुनोत्री मंदिर समिति ने बताया कि कपाटबंदी विशाखा नक्षत्र आयुष्मान योग और अमृत बेला में की जाएगी। समारोह में समेश्वर देवता की डोली की अगुवाई में मां यमुना की उत्सव डोली भी शीतकालीन गद्दी स्थल के लिए रवाना होगी।