गांव में बाघ का आतंक दहशत मे ग्रामीण किसानों का विरोध १० को बालाघाट बंद सरेखा रेल्वे फाटक पर अंडरपास निर्माण में देरी दिसम्बर तक कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम बालाघाट जिले के वारासिवनी वन परिक्षेत्र के दिनी गांव में बाघ की सक्रियता ने ग्रामीणों को डरा दिया है। पिछले चार दिनों में बाघ ने दो मवेशियों को अपना शिकार बना लिया। 5 दिसंबर की रात बाघ ने दीनी अमृत गौशाला में एक बछिया पर हमला किया जबकि अगले दिन ग्रामीण राजेंद्र पंचेश्वर की गाय को मार डाला सूचना पर वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और ट्रैकिंग के लिए कैमरे लगाए हैं। बाघ के पंजों के निशान भी मिले हैं। ग्रामीण अपनी और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और खेतों में जाने से डर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। प्रदेश सरकार द्वारा धान खरीदी का 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल का वादा पूरा न करने से किसान गर्जना संगठन ने आंदोलन तेज कर दिया है। 2 दिसंबर से खरीदी केंद्रों पर धरना जारी है लेकिन सरकार ने अब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने बताया कि 10 दिसंबर को बालाघाट जिला बंद रहेगा। इस दिन कालीपुतली चौक से रैली निकालकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन ने जिले के सभी किसानों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। सरेखा स्थित रेल्वे फाटक पर ओवरब्रिज और अंडरपास निर्माण कार्य निर्धारित समय से विलंब हो रहा है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने पर डीआरएम ने नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को दिसम्बर माह तक कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। कार्य में तेजी लाई गई है और इसे समय पर पूरा करने का दावा किया जा रहा है। ओवरब्रिज निर्माण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है जिससे हनुमान चौक से रेल्वे फाटक तक वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की गई है। इसके बावजूद ट्रेन गुजरने और फाटक बंद होने के दौरान जाम की समस्या बनी रहती है जिससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बालाघाट जिला बौद्ध संघ के तत्वावधान में भारतीय संविधान दिवस हीरक जयंती एवं स्वर्ग जयंती समारोह समता भवन बूढ़ी बालाघाट में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बालाघाट वारासिवनी कटंगी बैहर किरनापुर खैरलांजी सहित विभिन्न तहसीलों से सैकड़ों बौद्ध अनुयायी उपस्थित हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज को तोड़ने के षड्यंत्रों की निंदा की और अधिवक्ता संजय खोबरागड़े को सर्वसम्मति से बालाघाट जिला बौद्ध संघ का जिला अध्यक्ष चुना। उपस्थित अनुयायियों ने विगत वर्ष वारासिवनी में बनी अस्थाई समिति को अवैध करार दिया। सम्मेलन ने संगठन को एकजुट बनाए रखने का संकल्प लिया।