छोटे कपड़े पहनने की इजाजत नहीं - विजयवर्गीय मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का महिलाओं और लड़कियों को लेकर बयान सामने आया है. उन्होंने अश्लील कपड़े पहन कर घूमने वाली युवती को लेकर कहा ये मां अहिल्या की नगरी है यहां ये सब नही चलेगा. बता दें कि इंदौर की मशहूर छप्पन दुकान के आसपास बीते दिनों एक लड़की यहां रील शूट करने के लिए ब्रा पहनकर घूमती हुई नजर आई थी. जिसके बाद से प्रदेश में बवाल मच गया है. एमपी सरकार का अभिमन्यु अभियान मध्यप्रदेश में नाबालिगों के साथ लगातार घटनाएं हो रही हैं। नाबालिगों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए एमपी सरकार ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने व्यापक स्तर पर अभिमन्यु अभियान चलाने का प्रस्ताव तैयार किया है। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से ही अभियान का आगाज होगा। 3 से 12 अक्टूबर तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान में 16.35 लाख रुपए खर्च होंगे। जंगली हाथियों को लेकर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2017 से अब तक 10 जंगली हाथियों को पकड़ा गया है जिनमें से दो हाथी 2024 में पकड़े गए थे। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 10 वर्षीय एक हाथी को जल्द ही जंगल में छोड़ दिया जाएगा जबकि दूसरे हाथी जिसकी उम्र लगभग 25 साल है की ट्रेनिंग में कुछ समय और लगेगा। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर 2024 को निर्धारित की है। युवक को नाली में गिराया जमकर की पिटाई बुधवार शाम से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें आधा दर्जन लोग पहले एक युवक को चांटा मारते हैं धक्का देते हैं. 1 मिनट 58 सेकंड के इस वीडियो में एक महिला पुरुष और लगभग पांच नाबालिग बच्चे नाली में गिरे युवक की कुछ इस तरह पिटाई करते हैं जैसे उसने कोई बड़ा अपराध कर दिया हो। माँ नर्मदा की रक्षा के लिए एमपी सरकार का बड़ा कदम मध्य प्रदेश की लाइफलाइन कही जाने वाली नर्मदा नदी को निर्मल बनाने वृहद योजना बनाई गई है। इसमें 1618 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। 873 करोड़ राज्य सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक वर्ल्ड बैंक और जर्मन बैंक केएफडब्ल्यू से कर्ज लिया है। राज्य सरकार ने नर्मदा किनारे बसे 10 शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर गंदा पानी मिलने से रोकेगी। इसके लिए कुछ जगह नए एसटीपी भी बनाए जा रहे हैं। मैहर में माता के VIP दर्शन बंद मध्यप्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा धाम में वीआईपी कल्चर समाप्त कर दिया गया है। अब खास लोगों को भी देवी दर्शन के लिए आम श्रद्धालुओं की तरह कतार में लगना पड़ेगा। मंदिर प्रशासक व कलेक्टर ने 3 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि मेले के लिए श्रद्धुलओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। महिला सुरक्षा पर भोपाल में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन प्रदेश में लगातार बच्चियों से बढ़ रही रेप की घटनाओं को लेकर महिला कांग्रेस द्वारा राजधानी भोपाल में प्रदर्शन कर पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन दिया जाएगा. प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल ने कहा मध्य प्रदेश में लगातार माताएं बहनें और अब छोटी-छोटी अबोध बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रहीं हैं. अपराधियों में कानून का डर नहीं रहा. मध्य प्रदेश में सरकार ने दुष्कर्मियों को फांसी देने का कानून बनाकर खूब जोर-शोर से प्रचार किया था लेकिन इसके बावजूद भी अपराधियों में कोई डर नहीं है. मध्य प्रदेश के अगले बजट में कर्मचारियों को सौगात मध्य प्रदेश के सात लाख से अधिक कर्मचारियों को अगले बजट वर्ष 2025-26 में 64 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता मिलेगा। पेंशनरों के लिए भी इसी हिसाब से महंगाई राहत का प्रविधान रखा जाएगा। वार्षिक वेतन वृद्धि तीन प्रतिशत की दर से होगी तो संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में चार प्रतिशत की वृद्धि के हिसाब से राशि रखी जाएगी। आगामी समय में होने वाली भर्ती के अनुसार आकलन कर प्रस्ताव प्रस्तुत होंगे। चप्पा-चप्पा बीजेपी - क्यों बोले सिंधिया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश में चल रहे भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान को चप्पा-चप्पा बीजेपी का नारा दिया है.उन्होंने सोशल मीडिया पर यह भी लिखा कि - 22 दिनों में कार्यकर्ताओं और नेताओं की मेहनत से भारतीय जनता पार्टी के एक करोड़ से ज्यादा सदस्य बन चुके हैं इस तरह मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी काफी कम दिनों में सबसे ज्यादा सदस्य बनाने वाली पार्टी बन गई है. इंदौर को मेट्रोपोलिटन रीज़न बनाने की तैयारी इंदौर। जिला प्रशासन द्वारा इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन महानगरीय क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसका मकसद इंदौर जिले में धार उज्जैन और देवास जिले का कुछ हिस्सा शामिल कर समग्र विकास करना है। एक तरफ मेट्रोपालिटन रीजन का प्रस्ताव बनाया जा रहा है दूसरी तरफ नगर निगम सीमा में शामिल किए गए 29 गांवों में एक दशक बाद भी मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं। ड्रेनेज बिजली नर्मदा का पानी और सड़क की सुविधाएं कई गांवों में अब तक नहीं पहुंच पाई हैं।