लामता तहसील के सुदामा मोहल्ला में तीन दिनों से तेंदुए के आतंक से ग्रामीण भयभीत हैं। मादा तेंदुआ ने यसोदा बाई के घर में घुसकर एक बछड़े को मार दिया। इसके बाद से तेंदुआ और उसके बच्चे शाम को लामता-नैनपुर रोड पर देखे जा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी कृष्ण कुमार नामदेव ने कोई कार्रवाई नहीं की है जबकि चौकीदारों द्वारा गश्त की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है जिससे तेंदुए को पकड़ने या भगाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना के तहत जिले में 56 आवास गृहों का निर्माण किया गया जिनकी लागत 9 करोड़ रुपये थी। तकनीकी खामियों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण ये आवास वैनगंगा नदी के डूब क्षेत्र में बनाए गए थे जिससे बाढ़ के पानी में डूब जाते थे। इस मुद्दे को देखते हुए 56 नए आवास 18 करोड़ रुपये खर्च कर दूसरी जगह बनाए गए। मूल निर्माण स्थल का चयन गलत था क्योंकि वह ऊंचाई वाला क्षेत्र था लेकिन नींव गहरी खुदाई कर रखी गई। इस मामले में किसी भी अधिकारी पर अब तक कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है। भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले किसानों को धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था लेकिन सरकार बनने के बाद यह वादा पूरा नहीं किया गया। इससे प्रदेश के किसानों में आक्रोश फैल गया है। इस मुद्दे को उठाने के लिए कांग्रेसियों ने शुक्रवार को कुहारी से किसान न्याय ट्रैक्टर रैली निकाली जिसमें विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष ट्रैक्टर चलाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। रैली में महामहिम राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई। 19 से 25 सितंबर तक जयहिन्द टॉकीज मैदान के पास श्री महावीर भवन में सात दिवसीय ध्यान योग शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में योग शिक्षक सत्यनारायण शर्मा और डॉ. आभाकिरण गांधी द्वारा ध्यान और योग सिखाया जा रहा है। शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए जानकारी दी जा रही है जिसमें शुगर बीपी ऑक्सीजन रिडिंग और फेफड़ों की जांच नि:शुल्क की जा रही है। आयोजकों ने ध्यान योग को जीवन में सफलता और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया है। मध्यप्रदेश राजस्व अधिकारी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने हरिसिंह धुर्वे पूर्व तहसीलदार के खिलाफ दर्ज एफआईआर को गलत बताते हुए 18 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। इस हड़ताल में सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार शामिल हैं। वहीं पटवारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 19-20 सितंबर को सामूहिक अवकाश लिया। इससे तहसील कार्यालय में कामकाज प्रभावित हुआ है जिससे जमीन बंटवारे और प्रमाणपत्रों के लिए आने वाले हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्य के लिए आने पर उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।