वेयरहाउस में इन्वेस्ट के लाभ ही लाभ बताकर सरकार ने बड़े स्तर पर लोगों को वेयरहाउस निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया था। बेयरहाउस बनाने के लिए सब्सिडी प्रदान भी की गई थी। जिसके चलते प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों ने वेयरहाउस निर्माण कर सरकार की योजनाओं को फलीभूत करने का काम किया। अब वही वेयरहाउस लोगों के लिए आर्थिक तंगी का कारण बन रहे हैं। गोदामों में भंडारित वर्ष 2023-24 2024-25 का गेंहूं चना एवं मूंग का भंडारण का किराया आज तक नहीं मिला है। भुगतान करने के लिए कई बार अवगत कराया गया और लिखत पत्राचार के माध्यम से भी भुगतान किए जाने की मांग रखी गई लेकिन आज तक कोई हल नहीं निकला। मंगलवार को एसोसिएशन ऑफ वेयरहाउस ऑनर्स मध्यप्रदेश शाखा भैरुन्दा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय खाद्य निगम के एमपी नगर जोन-2 स्थित कार्यालय पहुंच कर एफसीआई के जीएम से मुलाकात की। उन्होंने जीएम के समक्ष अपनी समस्याओं को रखते हुए जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है। इसी बीच वेयरहाउस संचालकों ने ईएमएस न्यूज एजेंसी को बताया कि उन्हें पिछले डेढ़ साल से वेयरहाउस का किराया नहीं मिला है। यही नहीं उनके ऊपर डेढ़ प्रतिशत का गेन भी लगाया जा रहा है। जो पूरी तरह से अनुचित है।